सीरियल रेपिस्ट शिव कुमार यादव के पास से बरामद मोबाइल में कई पोर्न वीडियो मिले हैं। साथ ही तलाशी के दौरान पुलिस ने कैब से कंडोम भी बरामद किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने शिव की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से दो मोबाइल बरामद किए थे। इनमें पोर्र्न फिल्म की काफी क्लिपिंग मिली हैं।
साथ ही जब पुलिस ने बरामद स्विफ्ट डिजायर की तलाशी में उसके डैसबोर्ड से गर्भ निरोधक वस्तुएं मिली हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में शिव ने खुद को कामदेव बताया था और र्कई लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाने की बात स्वीकार की थी।
पुलिस को आशंका है कि शिव पोर्न क्लिप से प्रभावित था और इसकी वजह से ही वह लगातार लड़कियों से संबंध बनाना चाहता था।
'हर वक्त सेक्स के बारे में सोचता'
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह हर वक्त सेक्स के बारे में ही सोचता था। वह अपने दोस्तों को कैब में बैठने वाली महिलाओं के बारे में बताता था। शिव ज्यादातर रात में कैब चलाता था और सिनेमाहॉल, रेस्टोरेंट और मॉल के पास सवारियों का इंतजार करता था।
पुलिस का कहना है कि खासकर वह पब और बार के पास इसलिए मौजूद रहता था कि वहां से आने के बाद कोई भी लड़की ज्यादा विरोध नहीं कर सकती। बताया जा रहा है कि वह दक्षिण दिल्ली के कुछ सेक्स वर्कर को बिना किराये लिए अपने कैब में बैठाता था।
इंद्रलोक कैब दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शिव कुमार को लोन दिलाने वाले ने ही फर्जी कागजात मुहैया करवाए थे। पुलिस ने इस मामले में बृहस्पतिवार को फाइनेंस कंपनी चलाने वाले सुमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके तीन कर्मचारियों को तलाश रही है।
पुलिस के अनुसार, लाजपत नगर निवासी सुमित फाइनेंस कंपनी चलाता है। शिव के पास से मिले फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र की जांच करते हुए बुराड़ी पुलिस सुमित तक पहुंची।
लोन दिलाने में हुआ घपला
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह गाड़ी लेने वाले को लोन दिलवाता है। ऐसे लोगों को सुमित के कर्मचारी कागजात मुहैया करवाते, जिसके जरिये आसानी से लोन मिल जाता।
लोन लेने के लिए शिव ने भी सुमित से संपर्क किया था। पत्नी के गहने बेचकर और पिता से कुछ रुपये लेकर शिव ने 2.50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया था।
इस दौरान उसे पता चला कि यदि उसके पास ऑल इंडिया परमिट होता तो आसानी से लोन मिल सकता है। सुमित ने ही कर्मचारियों के जरिये आरोपी कैब चालक को फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र का इंतजाम करवाया।
जिसके जरिये शिव कुमार बुराड़ी अथॉरिटी से परमिट लेने में कामयाब हो गया। इसके बाद सुमित ने उसे कार खरीदने के लिए लोन दिलवा दिया। पुलिस के मुताबिक, सुमित फर्जी कागजात के जरिये लोन दिलवाता था।
जेल में सहमा सहमा रहा
कैब में युवती से दुष्कर्म करने का आरोपी शिव कुमार शुक्रवार को तिहाड़ जेल में सहमा-सहमा रहा। वह दिनभर शांत रहा लेकिन खाना-पीना ठीक से लिया।
उसने किसी भी कैदी से बात नहीं की हालांकि जेल संख्या-1 में कुछ कैदियों ने उससे बात करने की कोशिश की। जेल प्रशासन उसकी सुरक्षा को लेकर चौकस है। आम कैदी आसानी से शिव तक पहुंच न पाए इसके लिए उसे जेल संख्या-1 के मुलायजा वार्ड में रखा गया है।
उबर कंपनी के कैब चालकों ने शुक्रवार को एक बार फिर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एक की गलती की सजा हजारों चालकों को नहीं मिलनी चाहिए। कंपनी पर सरकार को पाबंदी हटानी चाहिए।
पत्नी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
चालकों ने बताया कि उबर कंपनी के सिर्फ दिल्ली में 4000 ड्राइवर हैं, जबकि देश में इनकी संख्या 50000 से ऊपर होगी। कंपनी पर पाबंदी लगाने से सभी सड़क पर आ गए हैं। हमारी रोजी-रोटी पर संकट है। वहीं, सुरेश कुमार का कहना था कि आरोपी ड्राइवर को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
उबर कैब रेप मामले के आरोपी शिव कुमार के परिवार ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिवकुमार की पत्नी मुन्नी देवी के मुताबिक पुलिस ने उनके घर दबिश देकर बच्चों समेत उन्हें घर से निकाल दिया।
रात भर में ठंड में ठिठुरते रहे। मुन्नी उनकी दोनों बेटियों से अलग-अलग पूछताछ की और अभद्र व्यवहार किया। पूछताछ के नाम पर दिन भर उत्पीड़न के बाद शाम को दिन छिपे छोड़ा गया। उन्होंने चार दिन से कुछ नहीं खाया है। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।