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गृह मंत्री की बढ़ी सुरक्षा, जनता हुर्ह परेशान

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अमेरिकी कंपनी उबर की कैब में युवती से दुष्कर्म के बाद प्रदर्शनकारियों के शोर से गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बचाने के लिए उनके घर की सुरक्षा तो कड़ी हो गई है, लेकिन आम आदमी की परेशानी बढ़ती जा रही है। अशोक रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने पटेल चौक से जीपीओ तक सड़क आम वाहनों के लिए बंद कर रखी है। वहीं, अशोक रोड पर स्थित भाजपा मुख्यालय के बाहर भी सड़क को बंद कर दिया गया है। खास बात यह है कि लोग उस रास्ते से पैदल भी नहीं जा सकते हैं।
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लोग इंडिया गेट, बंगला साहिब गुरुद्वारा, कनाट प्लेस, राम मनोहर लोहिया अस्पताल समेत द्वारका, धौलाकुआं, करोलबाग आदि जाने के लिए अशोक रोड को चुनते हैं। इसके अलावा उत्तम नगर, नजफगढ़, करोलबाग, धौलाकुआं की ओर से निकलने वाली सभी बसें अशोक रोड पर पटेल चौक से जीपीओ होकर जाती हैं।

हालांकि पटेल चौक पर रूट डायवर्ट होने से पांच दिन से दिनभर ट्रैफिक जाम लगा रहता है। सबसे अधिक दिक्कत डीटीसी की लो फ्लोर बस चालकों को हो रही है, क्योंकि पटेल चौक से आगे पीएनबी बैंक के सामने महादेव रोड के मोड़ पर जगह कम होने से बसें फंस जाती हैं। सड़क बंद होने का असर पीक ऑवर्स में पटेल चौक, गोल डाकखाना, संसद मार्ग से लेकर जंतर-मंतर, केंद्रीय सचिवालय समेत कनॉट प्लेस तक देखने को मिलता है। सड़क कब खोली जाएगी इस पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
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बस के लिए भटकते रहेंगे आप

यात्रियों के मुताबिक पटेल चौक पर पंजाब नेशनल बैंक है, लेकिन बस के लिए भटकना पड़ रहा है। ऑफिस से बाहर निकलते ही जाम मिलता है। इसकी वजह से बसों की दिक्कत हो गई है। सुबह रूट डायवर्ट मिलता है तो शाम को बस के लिए पैदल चलना पड़ रहा है। मंत्री के घर की सुरक्षा तो बढ़ी पर आम आदमी तो परेशान हो रहा है।

परेशानी झेल रही एक और महिला कहती हैं, कि अमेरिकी कंपनी की कैब में युवती से रेप होता है और हमारे नेता चाहते हैं कि जनता चुप रहे। महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गृहमंत्री को जवाब तो देना चाहिए। भाजपा मुख्यालय से लेकर राजनाथ सिंह के घर के बाहर प्रदर्शनों से बचने के लिए सड़क बंद करने से क्या जनता को चुप करवाया जा सकता है?

प्रधानमंत्री ने चुनाव से पहले महिलाओं की सुरक्षा की बात की थी लेकिन आज गृहमंत्री को प्रदर्शनकारियों से बचाने के लिए सड़क बंद कर दी जाती है। मोदी सरकार से जनता को ऐसी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी। आम लोगों को मुख्यालयों और निवास स्थानों के सामने सड़क से न गुजरने देना समाधान नहीं है।

माया देवी कहती हैं माना वाहनों के जाने के लिए सड़क बंद कर दी गई है, लेकिन आम लोग शाम को ऑफिस के बाद पैदल भी नहीं जा सकते हैं। पटेल चौक से जीपीओ तक पैदल नहीं जाने दिया जा रहा है। बसों की दिक्कत, ट्रैफिक जाम से देर शाम घर पहुंचते हैं, जबकि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा तो राम भरोसे है।
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क्या कहते हैं अधिकारी

अधिकारी कहते हैं कि पटेल चौक पर कई बैंकों और सरकारी ऑफिस की पार्किंग महादेव रोड पर बनी हुई है। रूट डायवर्ट होने के बाद भी पार्किंग चल रही है। सड़क के एक ओर गाड़ियां खड़ी रहती हैं जबकि आधी सड़क पर वाहन आमने-सामने से आ जा रहे हैं। पटेल चौक ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि एनडीएमसी की पार्किंग को हम बंद नहीं कर सकते हैं। रोड जहां से बंद है, वहां से रूट डायवर्ट करवाने का ही निर्देश दिया गया है।

पहले जीपीओ के पास बस ले लेते थे, लेकिन अब रूट डायवर्ट की वजह से पटेल चौक तक पैदल आना पड़ रहा है। मुख्य मार्गों पर केंद्रीय मंत्रियों को घर नहीं देना चाहिए, क्योंकि इनकी सुरक्षा के चलते में आम आदमी बेहाल होता है। सुबह ऑफिस के लिए लेट तो शाम को ट्रैफिक जाम में फंसने के चलते एक घंटे तक देरी से घर पहुंच रहे हैं। - मीना शर्मा, आरएमएल में कार्यरत।

प्रदर्शनकारी कारों में बैठकर तो गृहमंत्री के घर पहुंचेंगे नहीं? सड़क बंद होने से पुलिस आगे चलने का इशारा करती है और अधिकतर लोग अपने गंतव्य का रास्ता ही भूल जाते हैं। रूट डायवर्ट में महादेव रोड से आगे कैसे जाना है, पता ही नहीं लगता है। वाहनों के लिए रास्ता बंद नहीं करना चाहिए।
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