आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने टिकट बांटने के लिए एक अलग ही पैमाना तैयार किया है। जो भी प्रत्याशी इस पैमाने पर खरा उतरेगा उसे ही चुनाव में टिकट मिलेंगे।
दरअसल बात यह है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य इकाई को यह आदेश दिया है कि आगामी चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन उनकी सोशल मीडिया पर सक्रियता के आधार पर की जाए। जो शख्स सोशल मीडिया पर ज्यादा मशहूर और लोगों का चहेता हो उन्हें ही चुनाव की टिकट दी जाए।
हालांकि यह दिलचस्प बात है कि दिल्ली बीजेपी के ज्यादातर नेताओं के पास सोशल मीडिया में अनुभव और अपना अकाउंट हैंडल करने के लिए संसाधनों की कमी है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर हासिल करना नेताओं के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है।
दिग्गज नेता भी बिता रहे हैं सोशल मीडिया पर समय
पार्टी आलाकमान के इस आदेश के बाद से ही कई बीजेपी नेताओं ने, खासकर नगरपालिका के बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल बना ली है और ज्यादा से ज्यादा दिखने की कोशिश में लग गए हैं।
तीनों नगरपालिकाओं के मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों ने अपना काम फेसबुक और ट्विटर पर शेयर करना शुरू कर दिया है। टिकट पाने की इस कोशिश में वर्तमान और पूर्व विधायक भी शामिल हैं।
कुछ नेताओं ने तो वॉट्सऐप पर वोटरों से जुड़ने के लिए अपना ग्रुप भी बना लिया है। इन नेताओं में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, विधायक जगदीश मुखी, आरपी सिंह, पूर्वी दिल्ली के मेयर योगेंद्र चंदोलिया, पूर्वी दिल्ली के डिप्टी मेयर रविंदर गुप्ता जैसे दिग्गज शामिल हैं।
इन नेताओं का कहना है कि ये न सिर्फ अपनी प्रोफाइल पर ध्यान दे रहे हैं बल्कि इनके नाम से अन्य नकली प्रोफाइल पर भी कड़ी नजर बनाए हुए हैं। भाजपा का यह सारा प्रयास पीएम मोदी के लोकसभा चुनाव में जीत से प्रेरित है और कुछ ऐसा ही नतीजा पार्टी दिल्ली चुनाव में भी चाहती है।