ऐप को आधार मानकर दिल्ली सरकार ने उबेर समेत कई कंपनियों पर बैन तो लगा दिया लेकिन खुद की बनाई उबेर जैसी ही कंपनी पूछो पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हैरत इस बात की है कि पूछो का न तो कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही कोई परमिट।
इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग ने पूछो का उद्घाटन किया था। जहां पूछो ऑटो-रिक्शा उपलब्ध कराती है वहीं उबेर, ओला और टैक्सी फॉर श्योर जैसी कंपनियां ग्राहकों को टैक्सि की सुविधा देती हैं। अन्य कंपनियों की तरह पूछो का इंटरनेट ऐप भी है।
अजीब बात है कि सरकार को पूछो के लिए रजिस्ट्रेशन और परमिट लेने की जरुरत महसूस नहीं हुई। ऐसे में सरकार द्वारा अन्य कपंनियों पर बैन लगाना और पूछो को छोड़ देना सवाल खड़े करता है।