प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित ऑनलाइन पॉन्जी धोखाधड़ी मामले में नोएडा स्थित एक मल्टी लेवल मार्केटिंग फर्म की 8.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली।
एजेंसी के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि कंपनी की सावधि जमा, म्यूचुअल फंड सहित कई चीजों को जब्त किया गया है। कंपनी ने कम समय में बड़े पैमाने पर रकम को कंपनी से जुड़े अलग-अलग लोगों के खातों में जमा करवाए।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत वेबवर्क ट्रेड लिंक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक अस्थायी आदेश पारित किया था। यह मामला 2017 का है, जब नोएडा पुलिस ने कथित रूप से भोलेभाले निवेशकों से ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी के जुर्म में कंपनी और उसके निदेशकों अनुराग गर्ग, संदेश वर्मा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उसके बाद ईडी ने पुलिस की आपराधिक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
यह कंपनी अपने वेब पोर्टल addsbook.com और web-work.in के जरिये आकर्षक मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाती थी। ईडी की जांच में पता चला है कि कंपनी ने सिटी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, विजया बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और एक्सिस बैंक में खाते खुलवाए और बंद किए। ईडी द्वारा यह कंपनी के खिलाफ दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले एजेंसी ने कंपनी की 27.66 करोड़ की संपत्ति फ्रीज कर दी थी।
ये चीजें की गईं जब्त
जांच एजेंसी ने कहा है कि फिक्स्ड डिपोजिट व म्यूचुअल फंड के अलावा बचत और चालू खातों की रकम, निदेशकों द्वारा अचल संपत्तियों के बेचने से प्राप्त धन और आभूषणों और सेवाओं के बदले मिले धन को जब्त किया है। यह धन निवेशकों के हैं। जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य 8.82 करोड़ रुपये है। एजेंसी ने इस मामले में पिछले साल लखनऊ में विशेष कोर्ट के समक्ष चार्जशीट दाखिल की थी।