विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली की मौजूदा मौसमी दशाएं प्रदूषण के लिहाज से प्रतिकूल हैं। सतह पर चलने वाली हवाओं की रफ्तार धीमी होने से प्रदूषक दिल्ली से दूर नहीं हट रहे। वहीं, तापमान की कमी से मिक्सिंग हाइट में गिरावट आई है। इससे प्रदूषकों का वातावरण में ऊपर दूर तक फैलना संभव नहीं हो सका है। उधर, ऊपर की सतह में चलने वाली हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिम होने से पंजाब और हरियाणा से पराली का धुंआ दिल्ली पहुंच रहा है। इसका मिलाजुला असर दिल्ली की हवाओं के दमघोंटू कर रहा है। वहीं दिल्ली में पीएम-2.5 व पीएम-10 का स्तर 179 और 334 पहुंच गया। जबकि मानक के अनुसार इसे क्रमश: 60 और 100 होना चाहिए। वहीं दिल्ली में मुंडका सबसे प्रदूषित इलाका रहा। यहां का एक्यूआई 453 दर्ज गया।
24 घंटे में पराली जलाने के 3000 मामले दर्ज
सफर के संस्थापक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी (एनआईएएस) के चेयर प्रोफेसर डॉ. गुफरान बेग के मुताबिक, पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। बीते 24 घंटों में इसके करीब 3000 मामले दर्ज हुए। वहीं, दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा भी पंजाब व हरियाणा की तरफ से है। इससे पराली के धुएं का दिल्ली के प्रदूषण में हिस्सा करीब 30 फीसदी रिकाॅर्ड किया गया। करीब 70 फीसदी प्रदूषण दिल्ली का अपना स्थानीय है। इसमें करवा चौथ के अवसर पर हुई आतिशबाजी, वाहनों का धुंआ, निर्माण सहित अन्य स्थानीय कारण रहे।
मौसमी दशाओं से बिगड़ रहे हालात
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिल्ली में मुख्य सतही हवाओं की चाल 5-8 किमी प्रति घंटे के बीच रही। हवाओं की गति मंद रहने के कारण निचले स्तर पर फैला प्रदूषण बिखर नहीं पाया। जबकि ऊपर आसमान में जहां तक हवाएं फैलती हैं, उसकी ऊंचाई भी 2200 मीटर के बीच पहुंच गई। जबकि इसका मानक छह किमी के करीब होना चाहिए। इससे प्रदूषक न तो ऊपर आसमान की तरफ फैल सके और न ही सतह के साथ दूर-दूर तक जाना इनका संभव हुआ। इसका नतीजा यह रहा कि दिल्ली-एनसीआर गैंस चैंबर में तब्दील हो गया।
अभी और खराब होगी हवा
शुक्रवार और शनिवार को भी मौसमी दशाओं में बड़ा बदलाव नहीं होगा। शुक्रवार को दिल्ली में प्रमुख सतही हवा पूर्व/उत्तर दिशाओं से आने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषण का स्तर और गंभीर हो सकता। आशंका है कि दिल्ली का प्रदूषण स्तर अगले तीन दिनों में बहुत खराब से बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच सकता है।
केजरीवाल की संवेदनहीनता ने दिल्ली को गैस चैंबर में बदला: भाजपा
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने दिल्ली के गैस चैंबर में बदलने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल की संवेदनहीनता के कारण आज दिल्ली में आईक्यूआई 740 छू रहा है। दरअसल आप की पंजाब सरकार ने राज्यों के किसानों को कोई वित्तीय या तकनीकी सहायता नहीं दी है, जिससे वे बड़े पैमाने पर फसल अवशेष जलाने को मजबूर है। पंजाब में बुधवार को 1591 खेत जलाने के मामले सामने आने के बाद दिल्ली को अगले 48 घंटों में कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। पंजाब के शहरों में भी आईक्यूआई 200 से 300 के बीच रिपोर्ट हो रहा है।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि प्रदूषण पर काबू पाने का केजरीवाल का पानी के छिड़काव, मोबाइल एंटी स्मॉग गन मशीनें और एयर प्यूरीफायर का वादा कहीं नहीं है, वहीं मंत्री गोपाल राय के दावे के बावजूद 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों में से आज एक भी मशीन काम करती नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के मामले में दयनीय स्थिति होने से आज हर दूसरा व्यक्ति आंखों में जलन या गले में संक्रमण की शिकायत कर रहा है।