फरीदाबाद में अब उद्योग प्रबंधकों को अपनी श्रेणी को लेकर उलझन नहीं रहेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ बैठक करके इस उलझन को दूर करेगा। प्रबंधकों को जानकारी दी जाएगी कि वह कौन सी श्रेणी में आते हैं।
प्रदेश सरकार ने प्रदूषण के हिसाब से सभी उद्योगों को अलग-अलग वर्गों में बांटा है। रेड श्रेणी में सबसे अधिक प्रदूषण की संभावना वाले उद्योग हैं।
ऑरेंज में इससे कम और ग्रीन श्रेणी में सबसे कम प्रदूषण की संभावना वाले उद्योग आते हैं। ग्रीन को छोड़कर अन्य सभी में शामिल उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेनी पड़ती है।
कौन उद्योग किस श्रेणी में हैं, इसे लेकर उद्योगपतियों में कन्फ्यूजन है। इस स्थिति से बोर्ड व एसोसिएशन मिलकर उद्योगपतियों को बाहर निकालेंगे।
ऑनलाइन भी मिल सकती है मंजूरी
एनओसी लेने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। अगर ऑनलाइन एनओसी लेने में परेशानी आती है तो उद्यमी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिस पहुंचकर अपनी उलझन को दूर कर सकते हैं। इसके लिए मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया है।