शुक्रवार को फरीदाबाद एनसीआर का सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा वाला शहर रहा, जहां एक्यूआई का स्तर 460 था। फरीदाबाद के अलावा ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 447, नोएडा में 442, गाजियाबाद में 441, गुरुग्राम में 400, बुलंदशहर में 442 और हापुड़ में 378 पर रहा। आसपास के अन्य प्रमुख शहरों में लखनऊ में एक्यूआई 377, आगरा में 408, मुरादाबाद में 363 और रोहतक में 333 रहा।
75 से 55 फीसदी पर आया पीएम स्तर
सफर के अनुसार, शुक्रवार को हवा में पीएम10 का औसत 440 व पीएम 2.5 का 303 था। दोनों प्रदूषक शुक्रवार दिन भर में खतरनाक स्तर पर रहे। हालांकि, दो दिन में हवा में दोनों प्रदूषकों का स्तर 75 फीसदी से घटकर 55 फीसदी पर आ गया। सफर ने संभावना जताई है कि शनिवार को भी कमोवेश यही हालत रहेगी, लेकिन रविवार को प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सकता है।
हवा की धीमी चाल बिगाड़ रही स्थिति
सफर का कहना है कि बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को वायु प्रदूषण में धीरे-धीरे सुधार आया है। लेकिन हवा की चाल धीमी ही रहने के कारण गुणवत्ता का स्तर बहुत ज्यादा नहीं सुधर पाया है। शुक्रवार देर रात से धरती की ऊपरी सतह पर हवा की चाल में तेजी के आसार बन रहे हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होगा और रविवार तक गुणवत्ता सूचकांक बेहद खतरनाक स्तर से बहुत खराब या उससे भी नीचे खराब के स्तर पर पहुंच सकता है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली के पड़ोस में जली रिकॉर्ड पराली
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) की तरफ से बताया गया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में 2100 जगह पराली जलाई गई। यह इस साल अब तक की सबसे ज्यादा पराली जलाने का आंकड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके चलते दिल्ली की हवा के और खराब होने के आसार हैं।
सोमवार सुबह राजपथ का नजारा
- फोटो : ANI
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात 445 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया और उन्हें वापस लौटा दिया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 23 बॉर्डरों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की थी। हालांकि बॉर्डरों पर ट्रकों से को रोकने से किसी भी बॉर्डर पर जाम नहीं लगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसका श्रेय हरियाणा व यूपी पुलिस को दी। जरूरी सामान लाने वाले 1080 ट्रकों को ही दिल्ली प्रवेश में करने दिया गया था।
दिल्ली पुलिस केसंयुक्त पुलिस आयुक्त(ट्रैफिक) आलोक कुमार ने बताया कि बॉर्डरों पर ट्रकों केरोकने का नोटिफिकेशन जारी होने केबाद ही दिल्ली के टीकरी, रजोकरी, बदरपुर बॉर्डर, लोनी, गाजियाबाद, सिंघु आदि 23 मुख्य बॉर्डरों पर ही रात में ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। ट्रैफिक पुलिस केसाथ लोक ल थाना पुलिस और पीसीआर पुलिस भी साथ में थी। चैकिंग के बाद रात में पूरी रात में 445 ट्रकों को वापस लौटा दिया गया। करीब 1080 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया। ये वो ट्रक थे जो जरूरत का सामान लेकर दिल्ली आ रहे थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि ट्रकों को वापस लौटाने के दौरान किसी भी बॉर्डर पर जाम नहीं लगा और न ही जाम जैसे हालत पैदा हुए। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना है कि हरियाणा व यूपी की पड़ोसी शहरों की पुलिस का अच्छा सहयोग मिला। पड़ोसी राज्यों की पुलिस ने ट्रकों को शुरू से ही दिल्ली बॉडरों की तरफ न आने दिया। इससे दिल्ली केबॉर्डरों पर जाम नहीं लगा। 11 नवंबर तक दिल्ली ट्रैफिक के इंतजाम बॉर्डरों पर ऐसे ही रहेंगे।
भाईदूज के लिए चैकिंग की गई थी
संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि भाईदूज को देखते हुए दिल्ली में 227 जगहों पर पुलिस की चैकिंग की गई थी। इस कारण दिल्ली में भाईदूज वाले दिन कहीं भी जाम नहीं लगा और नहीं ट्रैफिक भारी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीमों की शुक्रवार सुबह ही तैनाती कर दी गई थी।