नोएडा विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस उम्मीदवार तलाश रहे हैं। सबसे पहले सपा की तरफ से किसी की घोषणा होने की संभावना है। इसके बाद भाजपा और सबसे बाद में कांग्रेस अपना प्रत्याशी उतारेंगी।
सपा के सूत्रों ने जानकारी दी है कि पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। प्रदेश की 12 में से 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो चुकी है।
जो सीटें बची हैं, उनके लिए शनिवार को लखनऊ में संसदीय बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है। दो दिन पहले नोएडा से दो संभावित उम्मीदवारों को लखनऊ बुलाया गया था। जिसमें एक महिला भी शामिल थी, इन्हीं दो में फैसला होना है। अनुमान है कि शीघ्र ही घोषणा कर दी जाएगी।
भाजपा में अभी है ऊहापोह
उधर, भाजपा के सूत्रों ने बताया कि टिकट को लेकर संभावित प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर दावा करने वालों को पूरी आशा है कि उनके बीच का ही कोई उम्मीदवार बनेगा, लेकिन कोई बाहरी प्रत्याशी बना तो वह विरोध करेंगे।
यह बात प्रदेश और केंद्रीय हाईकमान तक भी पहुंचा दी गई है।
टिकट को लेकर ही शुक्रवार देर रात नोएडा में पार्टी हाईकमान की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल बैठक करेगा और प्रत्याशी के बारे में पूरी जानकारी करके हाईकमान को स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
कांग्रेस को है इस पल का इंतजार
उधर, कांग्रेस की वही स्थिति चल ही है, जो हर चुनाव के वक्त होती है। उनका प्रत्याशी तभी उतारा जाता है, जब अन्य पार्टियां प्रत्याशी को उतार चुकी होती हैं।
पर्यवेक्षक यहां पूरा काम कर चुके हैं, सिर्फ नाम की घोषणा होनी है। एक बात और है कि इस बार बसपा और आप चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुके हैं।
मगर फोनरवा खुद अपना प्रत्याशी उतारने की बात चुका है और निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भी अच्छी खासी होने की उम्मीद है, जो वोटों का गणित जरूर प्रभावित करेंगे।