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'झगड़ा हो रहा है क्या...पीसीआर में पेट्रोल नहीं है'

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ग्रेटर नोएडा के एक गांव में हो रही मारपीट की सूचना जब एक शख्स ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी, तो आधे घंटे तक उसे इंतजार करना पड़ा। फिर भी पुलिस नहीं आई... फोन आया।
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पुलिस ने उस शख्स से पूछा कि बताओ झगड़ा चल रहा है या खत्म हो गया है, क्योंकि पीसीआर में पेट्रोल खत्म हो गया है। वारदात की सूचना पर पुलिस का ये जवाब हैरान करने वाला तो है ही, उस दावे का सच भी बता रहा है, जिसमें दो मिनट के भीतर घटना स्थल पर पहुंचने की बात पुलिस कहती है।

सिपाही की बातें सुनकर दंग रह गया वो

मामला सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां रामपुर गांव में शनिवार की शाम कई युवक दो युवकों की पिटाई कर रहे थे। शोर सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। अल्फा-दो निवासी चंद्रमोहन ने पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी, लेकिन पुलिस नहीं आई।

करीब आधा घंटे बाद जब मामला शांत हो गया और चंद्रमोहन घर पहुंच गए, तो उनके पास पीसीआर से एक सिपाही का फोन आया। सिपाही ने पूछा कि रामपुर में झगड़ा हो रहा है, या खत्म हो गया। चंद्रमोहन ने कहा कि उसे पता नहीं है।

इस पर सिपाही ने कहा कि वह मौके पर जाएं और बताएं। अगर झगड़ा हो रहा है, तो पुलिस जिप्सी से पहुंचेगी, क्योंकि पीसीआर में पेट्रोल नहीं है। ऐसे में अगर वो जाते हैं, तो तेल का खर्च अपनी जेब से देना पड़ेगा।
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एसएसपी साहब की भी सुनिए

इस मामले में जब एसएसपी डॉ. प्रितिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीसीआर मौके पर नहीं पहुंची, तो गलत बात है। आगे से कभी ऐसा नहीं होगा।

प्राधिकरण की ओर से निश्चित राशि मिलती है। जिसका पेट्रोल डलवाया जाता है। इसलिए ऐसी कोई परेशानी हो सकती है। मामले की जांच कराई जाएगी और गलत पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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