गांव रतनपुर में बुधवार शाम कार सवार चार बदमाशों ने मुनीम के पुत्र (कक्षा पांच के छात्र) के अपहरण की कोशिश की। टाटा-407 के ड्राइवर ने बहादुरी दिखाते हुए अपहर्ताओं की कार को रोक बालक को मुक्त कराया।
ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दो अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया, जबकि दो भाग निकले। गुस्साए ग्रामीणों ने बदमाशों की कार में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों में पथराव हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने फायरिंग की, लेकिन सीओ ने फायरिंग से इनकार किया है।
नरौरा के गांव रतनपुर निवासी सुरेश चौधरी ईंट भट्ठे पर मुनीम हैं। बुधवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सुरेश का पुत्र पंकज (13) दवा लेकर घर लौट रहा था। गांव से गरीब 500 मीटर दूर डिबाई रोड पर कार सवार चार बदमाशों ने पंकज को पीटकर कार में डाल लिया और भागने लगे।
इसी बीच उधर से गुजर रही टाटा-407 के ड्राइवर ने देख लिया और कार को ओवर टेक कर कार के आगे गाड़ी लगा दी। चालक के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे बालक के पिता सुरेश चौधरी और ग्रामीणों ने बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश पंकज को छोड़ खेत की ओर भागने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने दो बदमाशों को दबोच कर जमकर पीटा। गुस्साए ग्रामीणों ने बदमाशों की कार को आग लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पकड़ा गया बदमाश एक सिपाही नरेंद्र है। जो नरौरा थाने में तैनात है। दूसरा बिलौना का रहने वाला है।
सूचना के बाद नरौरा, डिबाई, रामघाट, दानपुर समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने ग्रामीणों भगाने के लिए हवा में लाठी फटकारी। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव किया। आरोप है कि पुलिस ने हवा में कई राउंड फायरिंग की। सीओ आरएल निरंजन ने फायरिंग से इनकार किया है।