कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उदयभान के अनुसार, जिला पुलिस में तैनात सब इंस्पेक्टर होशियार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नवंबर 2022 में वह डायल 112 पर तैनात था। चंडीगढ़ मुख्यालय से फोन आने पर वह अलीगढ़ रोड़ पर नगीना उर्फ नगमा व प्रीति की मदद करने पहुंचा। महिलाओं की गाड़ी खराब हो गई थी। उनकी गाड़ी की सीएनजी खत्म हो गई थी। उन्होंने गाड़ी को पेट्रोल पंप पर ले जाकर सीएनजी भरवा दी, परंतु महिलाओं के पास पैसे नहीं थे।
दो दिन बाद उसके पास नगीना का फोन आया। नगीना ने उसके साथ अश्लील बातचीत की और बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी देकर नगीना पैसों की मांग करने लगी। पीड़ित एसआई ने अलग-अलग करके 20 हजार रुपये दे दिए। उसके बाद उन्होंने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बना लिया और झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने के नाम पर 20 लाख रुपये मांग करने लगे।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नगमा, प्रीति, इंदिरा व अमित को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया है। उनके गिरोह में 20 महिलाएं व 10 पुरुष शामिल हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मामले में शामिल मोहन नगर निवासी आरोपी एएसआई हंसराज, जो डायल 112 पर तैनात था, बीती 18 फरवरी से गैरहाजिर चल रहा था।
पुलिस ने आरोपी को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से हनीट्रैप नेटवर्क से हिस्से में आए रुपए बरामद किए जांगे। वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।