इस एप में बुजुर्ग की पूरी जानकारी होगी। जैसे बुजुर्ग के घर में पहले कभी चोरी हुई है, बुजुर्ग के घर व बाहर कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, उनको कौनसी बीमारी है, कौनसी दवा चल रही है, किस अस्पताल में इलाज चल रहा है और कौन-कौन लोग मिलने आते हैं आदि जानकारी होगी।
शाहदरा पुलिस कुटुम्ब एप के जरिए जिले के बुजुर्गों को परिवार की तरह रखेगी। इस एप में जिले में रजिस्टर्ड सीनियर सिटीजन की बीमारी, जरूरत, दवाइयां आदि की जानकारी होगी। बुजुर्ग को अगर किसी भी चीज की जरूरत होगी तो बीट अफसर व थानाध्यक्ष के पास बुजुर्ग की पूरी जानकारी स्वत: ही चली जाएगी। इसके अलावा शाहदरा जिले के हर पुलिस स्टेशन से दो-दो महिला पुलिसकर्मी सीनियर सिटीजंस के लिए तैनात की हुई है। ये बुजुर्गों के पास जाकर हर रोज उनकी ख्याल रखती है।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि जिले में कुल 5599 सीनियर सिटीजंस रजिस्टर्ड हैं। शाहदरा जिला पुलिस ने बुजुर्गो की देखभाल के लिए कुटुम्ब एप बनाया है। इस एप में बुजुर्ग की पूरी जानकारी होगी। जैसे बुजुर्ग के घर में पहले कभी चोरी हुई है, बुजुर्ग के घर व बाहर कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, उनको कौनसी बीमारी है, कौनसी दवा चल रही है, किस अस्पताल में इलाज चल रहा है और कौन-कौन लोग मिलने आते हैं आदि जानकारी होगी। साथ ही एप में बीट अफसर, थानाध्यक्ष व समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी होगी। अगर बुजुर्ग की किसी चीज की जरूरत होगी तो फोन करते ही एप के माध्यम ये पूरी जानकारी बीट अफसर तक चली जाएगी। जिस सामान की बुजुर्ग को जरूरत को देखकर बीट अफसर बुजुर्ग तक वह सामान तुरंत पहुंचा देगा।
अंकों के आधार पर पुरस्कार मिलेंगे
बुजुर्गों की सेवा व सहायता करने में अग्रणी पुलिसकर्मियों को रेटिंग अंक मिलेंगे। इन्हीं अंकों के आधार पर उन्हें पुरस्कार दिए जाएंगे तो पदोन्नति आदि में भी फायदा मिलेगा। पुलिस उपायुक्त चौधरी ने बताया कि इस एप का ट्रायल सीमापुरी सब-डिवीजन में किया गया था। सीमापुरी सब -डिवीजन में ये ट्रायल सफल रहा है। उन्होंने बताया कि अब इसे पूरे जिले में लागू किया जा रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि शाहदरा जिला पुलिस की ओर से शुरू किए गए इस सिस्टम की सफलता के बाद इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा।
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एप के माध्यम से मुहैया कराई जाएगी सुरक्षा
उद्देश्य और उपयोगिता : इसमें वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई सुविधाओं का एक सूट शामिल है।
निजीकृत प्रश्नावली : वरिष्ठ नागरिक सेल के कर्मचारियों द्वारा विकसित, एप में प्रमुख सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने वाली एक व्यक्तिगत प्रश्नावली।
व्यक्तिगत सुरक्षा : आकलन करना कि क्या वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित महसूस करते हैं या नहीं।
प्रकाश : सड़क व घर के सामने रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना।
घरेलू सहायता सत्यापन : यह जांचना कि क्या घरेलू सहायता की ठीक से जांच की गई है।
सीसीटीवी इंस्टालेशन : सीसीटीवी सिस्टम को सही जगह लगाना।
साइबर सुरक्षा : यह निर्धारित करना कि क्या वरिष्ठ नागरिक साइबर खतरों से सुरक्षित हैं।
स्वास्थ्य : वरिष्ठ नागरिकों को प्रभावित करने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या की पहचान करना।
साप्ताहिक निगरानी : वरिष्ठ नागरिकों की कर्मियों को पूरा करने के लिए साप्ताहिक निगरानी होगी।
मुलाकात ट्रैकिंग : वरिष्ठ नागरिकों से पुलिस स्टाफ की मुलाकात की निगरानी करना।
रिकॉर्ड अपडेट : वरिष्ठ नागरिकों की नवीनतम जियो-टैग की गई तस्वीरें अपलोड रहेंगी।
सत्यापन अनुपालन : घरेलू नौकरों के संपूर्ण सत्यापन की पुष्टि करना।
वरिष्ठ नागरिक सुविधाएं : विभिन्न कार्यात्मकताओं के साथ वरिष्ठ नागरिकों को भी सशक्त बनाता है।
शैक्षिक सामग्री : साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुधार वीडियो तक पहुंच।
फीडबैक सबमिशन : वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपने एप अनुभव को साझा करने का एक विकल्प।