लॉकडाउन खुलने के साथ ही राजधानी में अपराध का ग्राफ बढ़ने लगा है। बढ़ते अपराध ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों को नींद हराम कर दी है। ऐसे में अब पुलिस आयुक्त हॉटस्पॉट व क्वारंटीन सेंटर की सुरक्षा के बजाय अपराध पर काबू करने के सख्त आदेश दिए हैं। पुलिस आयुक्त ने अपराधियों को दबोचने के लिए एरिया डोमिनेशन स्कीम बनाई है। साथ ही आदेश दिए हैं कि निजी अस्पतालों के बाहर पुलिस की तैनात नहीं की जाएगी।
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सोमवार को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि कंटेनमेंट जोन, सरकारी अस्पताल व क्वारंटीन सेंटरों पर कम से कम पुलिस की तैनाती की जाए। दिल्ली में स्थित प्राइवेट अस्पतालों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस तैनात नहीं होगी।
उन्होंने कहा है कि मॉल्स, धार्मिक स्थल और रेस्टोरेंट में सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने कहा है कि एरिया डोमिनेशन स्कीम के तहत मोटरसाइकिल, बीट सिपाही, जगुआर, पीसीआर वैन, अखर वैन और व्हिस्की- 99 वैन की सहायता लेकर अपराध व अपराधियों पर काबू किया जाए। इस स्कीम के तहत अपराध की घटनाओं, जगह व समय को देखते हुए रणनीति बनाई गई है।
यह भी देखा जा रहा है कि कहां-कहां और किस समय पर अपराध ज्यादा होता है। पुलिस आयुक्त के आदेश के पर वांछित व एरिया छोड़ चुके बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है ताकि इन बदमाशों को पकड़ा जा सके और उनके खिलाफ हिस्ट्रीशीटर व तड़ीपार की कार्रवाई की जा सके। एसएन श्रीवास्तव ने ये भी कहा है कि आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट के तहत ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई की जाए।
दिल्ली पुलिस के सीनियर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काफी बदमाशों को घोषित बदमाश व तड़ीपार करने की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि एरिया डोमिनेशन स्कीम के तहत इस तरह कार्रवाई की जाए कि लोगों को पता लग जाए कि बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। पुलिस आयुक्त ने सभी थाना पुलिस, स्पेशल सेल, अपराध शाखा और अन्य यूनिटों को बदमाशों को पकड़ने के सख्त आदेश दिए हैं।