पुलिस की पूछताछ में आरोपी नकुल सांगवान ने बताया कि बीएससी की पढ़ाई बीच में छोड़कर वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। वह अपने चचेरे भाई कपिल सांगवान उर्फ नंदू से काफी प्रभावित था। बाबा हरिदास नगर में हुई हत्या के मामले में नकुल को गिरफ्तार किया गया, लेकिन वह जेल से बाहर आकर नंदू के साथ मिलकर अपराध करने लगा। कैफे में पिटाई के बाद वह नरेंद्र की हत्या की साजिश रचने लगा। उसने कई बार नरेंद्र की हत्या की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया।
इधर, नकुल व नंदू ने पांच सितंबर को पुष्कर नामक युवक की अमन विहार में गोली मारकर हत्या कर दी। नरेंद्र की हत्या करने के लिए इन लोगों ने द्वारका नॉर्थ में चार सितंबर को फॉरच्यूनर गाड़ी भी लूटी। बाद में मंगलवार को दोनों ने चोरी की एक बाइक से नरेंद्र के दफ्तर पहुंचकर उसकी गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। नकुल के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं।
राजधानी में बढ़ीं हत्या की वारदात
पिछले साल के मुकाबले राजधानी में हत्या की वारदात में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले साल एक जनवरी से 15 सितंबर तक जहां 338 लोगों की हत्या हुई थी, वहीं इसी समय अवधि में वर्ष 2019 में 15 सितंबर तक 373 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।
पिछले 26 दिन (एक सितंबर 2019 से 26 सितंबर) की बात की जाए तो इन दिनों राजधानी में बदमाशों ने 34 लोगों की हत्या कर दी। हालांकि ज्यादातर मामलों को पुलिस ने सुलझा लिया है, लेकिन ज्योति नगर और मधु विहार जैसे मामले अभी भी अनसुलझे हैं।