एनएच-24 के नजदीक विजयनगर के पास अकबरपुर-बहरामपुर का श्मशान घाट है। शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अंतिम संस्कार के लिए सात लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव लेकर पहुंचे।
चिता पर शव रख दिया। मृतक के कपड़ों पर खून देख अंतिम संस्कार कराने वाले को संदेह हुआ। उसने कंट्रोल रूम में फोन किया। पुलिस पहुंची तो शव लेकर आए चार लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गए, जबकि तीन को पुलिस ने पकड़ लिया।
बिसरख कोतवाली पुलिस छानबीन कर रही है कि शव का गुपचुप अंतिम संस्कार क्यों कराया जा रहा था और मौत कैसे हुई?
बिसरख कोतवाली एसओ अश्वनी कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान रामस्वरूप (45) निवासी जौनपुर के रूप में हुई है। वह एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में राज मिस्त्री का काम कर रहा था।
दूसरी तरफ, श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराने वाले योगी रामनाथ ने बताया कि सात लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव लेकर आए थे। चिता पर शव रखकर अंतिम संस्कार की क्रिया की जा रही थी।
उन्होंने देखा कि मृतक के होंठ सूजे हुए हैं। कपड़ों पर खून लगा है। उन्होंने मौत की वजह पूछी और पुलिस केस बताकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
रामनाथ का दावा है कि उन्हें उन लोगों ने ले-देकर अंतिम संस्कार करने को कहा। लेकिन वे नहीं माने और उन्होंने गौतमबुद्धनगर के कंट्र्रोल रूम में सूचना दे दी। पहले नोएडा सेक्टर-58 पुलिस वहां पहुंची और इसके बाद बिसरख पुलिस।
पुलिस को फोन करते देख चार लोग शव चिता पर छोड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गए। जबकि तीन को उन्होंने पकड़ लिया और मौके पर पहुंची बिसरख पुलिस के सुपुर्द कर दिया।