गाजियाबाद की जनता पर एक बार फिर हाउस टैक्स का बोझ बढ़ेगा। आर्थिक संकट से जूझ रहा नगर निगम इस बार पॉश कालोनियों से ज्यादा टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है।
कालोनियों को सुविधाओं के आधार पर कैटेगरी में बांटकर उन पर टैक्स निर्धारण किया जाएगा। शहर के पॉश कालोनियों के 30 वार्डों में करीब ढाई गुना तक हाउस टैक्स बढ़ जाएगा।
शहर के 35 वार्डों में टैक्स की दरें बिल्कुल नहीं बढ़ाई जाएंगी। नगर निगम अधिकारी हाउस टैक्स की नई दरों के इस प्रस्ताव को 30 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में रखेंगे। हाउस टैक्स बढ़ाने के इस प्रस्ताव को बोर्ड से मंजूरी न मिली तो प्रपोजल नगर विकास विभाग को भेजा जाएगा।
नगर निगम ने बीते दिनों ही हाउस टैक्स में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। अप्रैल 2015 से टैक्स के नए रेट लागू होने थे। लेकिन इससे पहले ही निगम फिर से टैक्स रिवाइज करेगा।
निगम अधिकारियों का तर्क है कि इस बढ़ोतरी से निगम की आमदनी नहीं बढ़ रही है। इसकी अपेक्षा खर्च में दो गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है। टैक्स बढ़ाना मजबूरी है।
नगर निगम के हाउस टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव में कालोनियों को कैटेगरी में बांटा जाएगा। राजनगर, कविनगर, वैशाली, गोविंदपुरम, शास्त्री नगर, वसुंधरा, कौशांबी जैसी कालोनियों को ए ग्रेड में रखा जाएगा और सबसे ज्यादा हाउस टैक्स बढ़ोतरी भी इन्हीं कालोनियों में की जाएगी।
ऐसा होगा टैक्स स्लैब
निगम के प्रस्ताव के मुताबिक ए कैटेगरी की पॉश कालोनियों में टैक्स की दर 1.75 रुपये, 2.25 रुपये और 2.50 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित की गई है।
बी कैटेगरी की कालोनियों में हाउस टैक्स की दर 1.25 रुपये वर्ग फुट से लेकर अधिकतम दर 1.75 रुपये प्रतिवर्ग फुट होगी।
सी कैटेगरी और ग्रामीण परिवेश के 35 वार्डों में टैक्स रेट नहीं बढ़ाया जाएगा। यहां 60 पैसे से लेकर 90 पैसे प्रतिवर्ग फुट की दर से टैक्स वसूला जाएगा।
नगर निगम की ये टैक्स दरें पास हुई तो हाउस टैक्स का सबसे ज्यादा बोझ 30 वार्डों में रहने वाले लोगों पर पड़ेगा। जबकि छोटी कालोनियों में रहने वाले लोगों पर इसका असर बहुत कम होगा।
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इनकम बढ़ी तो शहर को पार्किंग फ्री करेगा निगम
नगर आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि हाउस टैक्स बढ़ाकर नगर निगम की इनकम बढ़ी तो महानगर को पार्किंग फ्री कर दिया जाएगा। महानगर में पार्किंग ठेके नहीं छोड़े जाएंगे।
फिलहाल 45 से ज्यादा स्थानों पर पार्किंग ठेके छोड़े गए हैं। अस्पताल, बैंक, मॉल-मल्टीप्लेक्स जाने के दौरान लोगों को पार्किंग शुल्क चुकाना पड़ता है। लोगों को पार्किंग शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
पब्लिक - पार्षद बोले
नगर निगम पांच सुविधाएं सड़क, सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइट और सफाई नागरिकों को दें। इसके बाद हाउस टैक्स बढ़ाने की सोचे। एक बार में 10 से 15 फीसदी से बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए। इससे ज्यादा टैक्स बढ़ाया तो विरोध करेंगे।
- टीपी त्यागी, चेयरमैन, आरडब्ल्यूए फेडरेशन
नगर निगम की ओर से मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की जाएं। सड़कें टूटी हैं, पार्कों में लाइट और हरियाली नहीं है तो हाउस टैक्स क्यों बढ़ाया जा रहा है। रेजीडेंट्स इसका विरोध करेंगे। - विनीत शर्मा, राजनगर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
शहर में करीब 50 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टियों पर टैक्स ही नहीं लगाया गया। निर्माण कार्यों में कमीशन प्रथा बढ़ रही है। इसे रोककर निगम धन की बर्बादी रोके। 25 फीसदी से ज्यादा टैक्स बढ़ाया तो इसका विरोध करेंगे। - राजेंद्र त्यागी, भाजपा, पार्षद
नगर निगम सदन एक बार टैक्स बढ़ोतरी कर चुका है। निगम अधिकारी पहले सभी प्रॉपर्टियों पर टैक्स लगाएं, फिर जरूरत पड़ी तो टैक्स बढ़ाने पर विचार करेंगे। - बाबू सिंह आर्य, बसपा पार्षद