पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। दरअसल नाबालिग के परिवार ने दोनों भाइयों के पिता अशफाक से चार-पांच साल पहले चार लाख की सिक्योरिटी पर मकान लिया था। रुपये लेने के बाद नाबालिग के परिवार को रकम वापस करने तक कोई किराया नहीं देना था।
दोनों भाइयों की मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर अलग रहना शुरू कर दिया। अब दोनों भाई शाहिद और इरशाद नाबालिग के परिवार को मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे। दोनों परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे। घटना वाले दिन भी नाबालिग के साथ इरशाद ने गाली-गलौज की थी। इससे परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
अपराध शाखा पुलिस उपायुक्त राकेश पावरिया ने बताया कि 14 सितंबर को गीता कॉलोनी के रानी गार्डन इलाके में शाहिद उर्फ आशु के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय वह अपनी दुकान में खुद ही सफेदी कर रहा था। शाहिद की हत्या के बाद उसका बड़ा भाई इरशाद उर्फ बॉबी भी गायब मिला।
उसकी तलाश जारी रही। इस बीच टेक्निकल सर्विलांस से उसकी लोकेशन की जांच हुई तो उसकी लोकेशन घर की मिली। घर पर ताला लगा था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद के घर के अंदर से खून बहकर बाहर आ रहा था। पुलिस ने ताला तोड़ा तो अंदर खून से लथपथ इरशाद का शव बरामद हुआ।
गीता कॉलोनी थाने में हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू हुई। इस दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद और शाहिद दो भाई और तीन बहन थे। मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर अलग रहना शुरू कर दिया। शुरुआती जांच में किराएदार के बेटे पर ही शक हुआ। जांच के दौरान नाबालिग अपने घर से गायब मिला।
छानबीन के दौरान रविवार को पुलिस ने नाबालिग को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर चचेरे भाई के यहां से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि इरशाद के खिलाफ डकैती के दो और शाहिद के खिलाफ हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज था। इसका फायदा उठाकर वह नाबालिग के परिवार को धमका रहे थे।