गाजियाबाद में यूपी गेट पर रविवार दोपहर 2:00 बजे से चल रहे जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर धरने दे रहे लोगों को पुलिस ने देर रात हटा दिया। पुलिस ने धरना दे रहे लोगों पर पानी की बौछार की। यूपी गेट से तमाम लोग और महिलाएं अब बसों में बैठकर अपने घर की तरफ चले गए। दोपहर में राष्ट्र रक्षा रैली को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिला था तो सभी लोग यूपी गेट पर धरना शुरू कर दिया था। धरने के दौरान दिल्ली आने-जाने वाले रास्ते पर आवागमन बंद रहा।
सुबह आठ बजे शुरू हुई थी यात्रा
कौशांबी से सुबह आठ बजे चली यात्रा को यूपी, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत 15 राज्यों के लोगों को गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया था। सूचना पर दिल्ली और यूपी पुलिस के अधिकारी भारी बल के साथ तैनात हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर धरने की मंजूरी नहीं दी। इससे पहले कई दौर की वार्ता भी विफल हो गई।
20 लाख से ज्यादा लोगों ने किया समर्थन
जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी ने बताया कि देश में सबसे ज्वलंत मुद्दा जनसंख्या नियंत्रण कानून बनने का है। फाउंडेशन लंबे समय से कानून बनाने की मांग कर रही है। पूर्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के अलावा राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति को भी ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समय बीतने पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। फाउंडेशन कानून की मांग के समर्थन में देशभर से एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर करा चुका हैं।
15 राज्यों के लोग हुए थे शामिल
वे हस्ताक्षरित पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके कार्यालय या केंद्र के अधिकृत मंत्री को देने जा रहे थे। देर रात गुजरात, बिहार, असम, आगरा, राजस्थान समेत 15 राज्यों के लोग शामिल हो गए। इनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली, बस, मालवाहक और निजी वाहन भी थे। कौशांबी से चलने के बाद यात्रा में शामिल लोगों को गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। नाराज लोगों ने दिल्ली में घुसने का प्रयास किया था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली था। अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तैनात हो गए थे। पुलिस ने आने और जाने वाले दोनों रास्ते अस्थायी बंद कर दिए। सभी लोग सड़क पर बैठक गए थे।
लंबे समय से कानून बनाने की हो रही है मांग
प्रदेश अध्यक्ष हेमा शारदा ने बताया कि सभी जनसंख्या कानून की मांग के लिए पिछले दस वर्षो से संघर्ष कर रहे हैं। इस रैली के लिए भी करीब सितंबर माह से ज्यादातर राज्यों के लोग को जनसंख्या समाधान फाउंडेशन से जुड़कर रैली की तैयारी कर रहे थे। रैली करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय जाकर जनसंख्या कानून बनाने की मांग करनी थी, लेकिन पुलिस ने आगे जाने की मंजूरी नहीं दी।
हस्ताक्षर पत्रों को सौंपने जा हे थे पीएमओ, रोकने पर दिया अल्टीमेटम
लोगों का कहना है कि जनसंख्या कानून के लिए पिछले 10 वर्षो से जगह-जगह अभियान चले थे। इसमें एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया जिसमें सभी राज्यों से 1 करोड़ 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर कराए गए। ये सभी हस्ताक्षर पत्रों को प्रधानमंत्री को सौंपकर एक सामन जनसंख्या कानून की मांग करने जा रहे थे।