ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में शुक्रवार को चार राज्यों के पुलिस अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के भी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ओपी सिंह ने अधिकारियों से लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने, अपराध पर नियंत्रण और सुरक्षा पर चर्चा की।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि चारों राज्यों के अधिकारी एक दूसरे से सूचनाएं साझा करेंगे। अगर किसी राज्य की पुलिस को दूसरी राज्य की पुलिस की किसी भी तरह की मदद की आवश्यकता पड़ती है तो वह तत्काल मदद करेंगे।
विज्ञापन
दूसरे राज्य का मामला मानकर निचले स्तर के अधिकारी लापरवाही न बरतें, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। कई बार अपराधी एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में शरण ले लेते हैं। इससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मेें एक दूसरे के तालमेल से ही अपराधी तक पहुंच सकते हैं। साथ ही क्राइम कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
दिल्ली पुलिस के कानून व्यवस्था सीपी संदीप गोयल, ज्वाइंट सीपी आलोक कुमार, डीसीपी शाहदरा मेघना यादव, डीसीपी उत्तर पूर्व अतुल कुमार ठाकुर, डीसीपी पूर्वी दिल्ली जसमीत सिंह, हरियाणा पुलिस के आईजी रेंज करनाल योगेंद्र सिंह मेहरा, पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद संजय कुमार, एसपी पलवल नरेंद्र बिजामिया, उत्तराखंड पुलिस के आईजी गढ़वाल जोन अजय रौतेला, डीआईजी कुमाऊ जोन अजय जोशी, मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक मेरठ राम कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर शरद सचान, आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद, गौतमबुद्ध नगर एसएसपी वैभव कृष्ण आदि अधिकारी मौजूद रहे।
एसएसपी गौतम बुद्ध नगर वैभव कृष्ण ने बताया कि समन्वय बैठक में चारों राज्यों की पुलिस द्वारा एक दूसरे की सीमाओं के आसपास सघन व चेकिंग करने का फैसला लिया गया है।
वहीं, नदियों की भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। ताकि नदी या सड़क मार्ग से कोई भी अपराधी या असामाजिक तत्व हथियार, शराब की तस्करी न कर सके। साथ ही काले धन को इधर से उधर नहीं ले जा सके।
व्हाट्सएप ग्रुप में साझा होंगी सूचनाएं
एसएसपी ने बताया कि सूचनाएं शेयर करने के लिए पुलिस के आलाधिकारी एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं। वहीं, हर थाने के अधिकारियों को भी अलग ग्रुप में जोड़ा गया है। सूचनाएं शेयर करने से जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़कर कार्रवाई की जा सकेगी।