देश की राजधानी से सटे नोएडा में एक गांव ऐसा भी जहां पर आजादी के 7 दशक बाद भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। यमुना किनारे बसे इस गांव के लोग बाहर जाने के लिए आज भी नाव का सहारा लेते हैं।
लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों में पूरा देश जुटा है, लेकिन नोएडा के दलेलपुर गांव के लोगों ने चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया है। हालात इस कदर खराब हैं कि गांव में रहने वाले अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के लिए रिश्तेनातेदारों के यहां छोड़ने पर मजबूर हैं।
सत्यवीर त्यागी बताते हैं कि उनके पूर्वज दलेलपुर गांव के खेतों पर आकर बस गए थे। आज इस गांव की आबादी करीब 250 है जबकि मतदाताओं की संख्या 100 के आसपास है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भले ही मतदाता जागरूकता अभियान चल रहा हो मगर आज तक उनके पास प्रशासन का कोई नुमाइंदा नहीं आया है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए उनको स्वयं ही संपर्क करना पड़ता है। जब-जब चुनाव आते हैं तब-तब उनको सुना जरूर जाता है। मगर चुनाव खत्म तो उनकी समस्याओं को भी समाप्त मान लिया जाता है।