एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने राजधानी दिल्ली में सक्रिय सभी मसाज पार्लरों पर अलर्ट होने को कहा है। आप सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह राजधानी में सक्रिय सभी मसाज पार्लरों पर सतर्कता बरतें। यही नहीं पार्टी ने कहा कि अगर पार्लर अवैध पाया जाता है तो उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करें।
बता दें कि इससे पहले भी दिल्ली सरकार ने शहर में मसाज पार्लरों के संबंध में जुलाई में अदालत का ध्यान इनपर खींचने को कहा था। साथ ही एक हलफनामा भी पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया था।
तब दिल्ली सरकार के वकील संजय घोष ने पीठ को बताया था कि 1 जुलाई 2017 और 30 सितंबर 2019 के बीच पुलिन से 526 मसाज पार्लरों को चिन्हित किया था। जिनमें से 405 पार्लर चल रहे थे जबकि 121 बंद कर दिए गए थे या नगरपालिका द्वारा सील करवा दिए गए थे।
तब उन्होंने मसाज पार्लरों के संबंध में पुलिस को यह भी बताया था कि अवैध रूप से देह व्यापार की 19 शिकायतें मिली थीं। लेकिन इनमें से 11 मामलों में कोई सबूत नहीं पाए गए जबकि आठ में नियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
एक याचिकाकर्ता बंसल ने यह भी कहा था कि दिल्ली में मसाज पार्लरों की आड़ में देह व्यापार बड़े पैमाने पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि हर साल सैंकड़ों आप्रवासी अवैध रूप से राजधानी में रहते हैं और जल्दी पैसा कमाने के लिए देह व्यापार के धंधे में चले जाते हैं। उन्होंने का था कि पुलिस जानकारी होते हुए भी कार्रवाई नहीं की थी।