रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय अपहरण-मारपीट के शिकार फरियादी को वापस करने वाले सेक्टर-46 चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश और सेक्टर 21 डी चौकी इंचार्ज विनोद यादव को पुलिस आयुक्त ने निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आयुक्त ने यह कदम उठाया। सेक्टर-21 डी में रहने वाले अवतार सिंह प्रॉपर्टी का कारोबार करते हैं। अवतार सिंह के मुताबिक 8 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह एक दोस्त के दरवाजे पर बैठे थे।
इसी दौरान उनका एक परिचित युवक तीन चार लोगों के साथ स्विफ्ट कार में आया। उनके सिर पर पिस्टल तानकर बंधक बना कार में सेक्टर 46 में सुनसान स्थान पर ले गया। वहां सबने मिलकर उन्हें पीटा और सरिये से वार कर हाथ पैर तोड़ दिए।
हमलावर उसे लहूलुहान हालत में रेलवे लाइन के किनारे फेंककर फरार हो गए थे। अवतार सिंह के मुताबिक ठीक होने के बाद उन्होंने सेक्टर-46 चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश को शिकायत दी।
चौकी इंचार्ज ने मौका मुआयना किया और घटना स्थल सेक्टर-21 डी चौकी का क्षेत्र का बता उन्हें वहां शिकायत करने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया।
सेक्टर 21डी चौकी इंचार्ज विनोद यादव ने मामला सेक्टर 46 चौकी क्षेत्र का होने की बात कहकर वापस कर दिया। वह तीन दिन तक इस चौकी से उस चौकी तक चक्कर लगाते रहे लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने शहर के कुछ संभ्रांत लोगों से कहलवाया तब जाकर 11 सितंबर को सेक्टर-46 में अपहरण और मारपीट का केस दर्ज किया गया।
पुलिस की बेरुखी से परेशान अवतार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी से शिकायत की और बताया कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
पुलिस आयुक्त ने दोनों चौकी प्रभारियों को निलंबित कर दिया। उनका कहना है कि अपहरण कर एक व्यक्ति के हाथ पैर तोड़ दिए गए और पुलिस उसे तीन दिन तक भटकाती रही, पीड़ित के साथ ज्यादती हुई है। दोनों अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है।