बलेनो कार सवार बदमाश दिनदहाडे़ लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस चेकिंग के बावजूद आसानी से निकल जाते थे। चार साल में 25 बार बदमाशों ने पुलिस चेकिंग का सामना किया था। गिरोह के मुख्य आरोपी ओमबीर का ग्रेटर नोएडा में आलीशान मकान और लग्जरी कार है।
दरअसल, जिले में पहले लाल सेंट्रो कार, फिर आई-10 और अब नीले रंग की बलेनो कार सवार बदमाशों ने कोहराम मचा रखा था। बदमाशों ने आसपास की सोसायटियों में फ्लैट किराये पर ले रखे थे। जिस क्षेत्र में घटना की उसी क्षेत्र के किराये के फ्लैट की पार्किंग में कार को छोड़ देते थे। अपनी निजी वर्ना कार से सोसायटी के बाहर जाकर मॉल आदि में मौजमस्ती करने के बाद रात में पकड़े गए सुनारों के घर जाकर सामान बेच आते थे।
बदमाश कई घटनाएं एक साथ अंजाम देकर कई दिन तक आराम करते थे और जब पुलिस सुस्त पड़ती थी तो फिर से लूटपाट में लग जाते थे। पुलिस के सुस्त रवैये के कारण बदमाश चार साल से लूटपाट कर रहे थे। कई मामलों लूट पीड़ितों की शिकायत ही दर्ज नहीं है। जबकि बदमाशों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 200 वारदात की हैं। आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग और कई अन्य काम बताकर परिजनों व दोस्तों पर रौब भी झाड़ते थे।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पर भी होगी कार्रवाई
सोसायटियों में लूट के बाद वाहन को छिपाने के बाद केंद्रीय विहार और सेक्टर-93 में कई सोसायटी के अध्यक्ष पुलिस की हिट लिस्ट में है। एसएसपी ने बताया कि उक्त अध्यक्ष और वहां की सुरक्षा एजेंसी ने कर्तव्य नहीं निभाया और बदमाश कई साल तक सोसायटियों में पनाह लेते रहे। इसके लिए आरडब्लूए अध्यक्षों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी आरडब्लूए को जागरूक कर दिया जाएगा और भविष्य में जो भी ऐसा मामला सामने आएगा उसमें आरडब्लूए अध्यक्ष पर कार्रवाई की जाएगी।
50 से अधिक सुनारों को चिह्नित किया
पुलिस के अनुसार, जिलेभर में 50 से अधिक सुनारों को चिह्नित किया गया है। यह ऐसे सुनार हैं जो बदमाशों के संपर्क में हैं और वह लूटपाट और चोरी करने वाले बदमाशों से मिले हुए हैं। मतगणना के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर में लोगों से भी अपील की गई है कि अगर इस तरह के सुनार उनकी जानकारी में हैं तो वह भी पुलिस को गोपनीय तरीके से सूचना दे सकते हैं।