गुरुगाम के आईएमटी मानेसर में 29 मई को 9 महीने के मासूम की हत्या और उसकी मां के साथ ऑटो में हुए गैंगरेप मामले में पुलिस ने आखिरकार एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल उसके दो साथी फरार हैं। पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए 10 प्वाइंट्स की जांच करनी पड़ी। इसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
गैंगरेप के आरोपियों को पकड़ने के लिए एसआईटी टीम में चार एचपीएस अधिकारियों समेत दो इंस्पेक्टर के साथ 50 पुलिसकर्मी जांच कर रहे थे। सीसीटीवी, कंपनी के कर्मचारी जिन्होंने महिला की मदद की, मोबाइल लोकेशन और आईएमटी मानेसर में चलने वाली टाटा मैजिक की गहनता से जांच के बाद पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सुराग मिले।
इन बिंदुओं की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
1- पुलिस ने जांच रिमझिम ढाबा से शुरू की। यहां से सीसीटीवी की रिकॉडिंग ली। रिकॉडिंग में टाटा मैजिक की फुटेज पुलिस को मिली।
2- दिल्ली-जयपुर हाइवे के अंदर गांव में बने दस ठेकों के फुटेज ली गई। उसमे एक ठेके से पुलिस को फुटेज मिली। जिसमें टाटा मैजिक की फुटेज पुलिस को मिली।
3- खेड़कीधौला टोल की फुटेज ली गई। फुटेज में पुलिस को वहीं टाटा मैजिक ऑटो मिला। जो रिमझिम ढाबे और शराब के ठेके की फुटेज में दिखाई दिया था। टोल की फुटेज में आरोपी यू-टर्न लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
4- सेक्टर-8 आईएमटी मानेसर आउटर रोड पर बनी एक फैक्ट्री के गार्ड और सुपरवाइजर से पूछताछ की गई। घटना के बाद यहां पर महिला दोनों आदमियों के साथ दो घटें तक रुकी थी। सुबह होते ही दोनो कर्मचारियों ने महिला को किसी के साथ खांडसा गुरुग्राम तक कार में छोड़ा था।
5- पुलिस ने मानेसर आईएमटी क्षेत्र के तीन टावरों की लोकेशन निकलवाई गई। जिससे यह पता चले की रात में कितने फोन चल रहे थे। उनकी जांच की गई। लेकिन, टावर लोकेशन से पुलिस को कोई सुराग नही मिला।
6- रात 10 बजे से तीन बजे तक की फोन रिकॉर्ड निकलवाएं। जिसमें पुलिस ने पांच हजार से ज्यादा लोगों की कॉल डिटेल की जांच के बाद दो नंबर संदिग्ध मिले। फिर उनकी जांच शुरू की गई।
7- एक आरोपी ने अपने जानकार को 20 सेकेंड कॉल की थी।
8- आरोपी के जानकार से पूछताछ के बाद पुलिस को आरोपियों के नामों के बारे में पता चला। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपने जानकार को फोन किया था।
9- पुलिस ने आईएमटी मानेसर में चलने वाली सभी टाटा मैजिक ऑटो को जांच के लिए बुलाया। इसमें पुलिस ने करीब 40 टाटा मैजिक की जांच की। उसमें एक मैजिक पर वहीं निशान मिले जो पुलिस को फुटेज मेे दिखाई दिए थे ।
10- पुलिस ने आरटीए विभाग से टाटा मैजिक पता लेकर छापेमारी की। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।