ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने सोमवार को अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी का खुलासा करते हुए सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों की पहचान डासना निवासी शाह फहद, मूल रूप से मेरठ निवासी शिवमपाल, बिहार के बेगूसराय निवासी सादिक और लोनी बॉर्डर निवासी बादल के रूप में हुई है। गिरोह के सरगना शाह फहद ने 2011 में गाजियाबाद के एकेजी कॉलेज से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। उसने गाजियाबाद के मोरटा औद्योगिक क्षेत्र में लियो पार्ट इंडिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से खराद की फैक्टरी खोली थी। इसी फैक्टरी में अवैध रूप से हथियार बनाए जाते थे।
सोमवार को पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की ब्रेजा कार सहित 15 लाख कीमत की पिस्टल, 111 अधबने तमंचे, 9 तमंचे और इन्हें बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी फैक्टरी बुलंदशहर शिफ्ट करना चाह रहे थे। सोमवार को वह इसके लिए जमीन देखने बुलंदशहर जा रहे थे। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कहां और किसे हथियार की सप्लाई की है। खरीदारों का पता चलते ही संबंधित जिले की पुलिस को इसकी जानकारी देकर कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी सेंट्रल सुनीति और एडीसीपी ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि सोमवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र के खेड़ा चौगापुर गोलचक्कर के पास चेकिंग कर रही थी। बिना नंबर प्लेट की ब्रेजा कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कार की डिग्गी में से 30 बोर की पिस्टल, 9 तमंचे, 111 अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए। मौके से ही शाह फहद, बादल, शिवमपाल और सादिक को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें शिवपाल नोएडा सेक्टर-23 और सादिक गाजियाबाद बस अड्डे के पास रहता है। सरगना शाह फहद ने मोरटा औद्योगिक क्षेत्र में खराद का काम करने के नाम पर फैक्टरी खोली थी। जिसका पंजीकरण उसने पत्नी के नाम पर कराया था। फैक्टरी में अवैध हथियार बनाए जाते थे।
30 बोर की पिस्टल बरामद
आरोपियों के पास से 30 बोर की पिस्टल बरामद हुई है। बहुत सफाई से बनाए गए पिस्टल पर चेसिस नंबर तक अंकित हैं। पुलिस ने बताया कि कि इस तरह के असली पिस्टल को बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये तक होती है।
दस साल से कर रहे थे सप्लाई, 10 हजार तक थी तमंचे की कीमत
डीसीपी सुनीति ने बताया कि आरोपी अलीगढ़, बुलंदशहर, बदायूं और मेरठ समेत आसपास के जिलों में तमंचे सप्लाई करते थे। आरोपी करीब दस वर्ष से तमंचे बना रहे थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अधिकतम 10 हजार रुपये में तमंचा और 80 हजार रुपये में पिस्टल बेचने की बात कही है। आरोपी मांग के मुताबिक एक या दो दिनों में हथियार उपलब्ध करा देते थे।
चुनाव के देखते हुए शिफ्ट करना चाहते थे फैक्टरी
लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरगना शाह फहद ने फैक्टरी को बुलंदशहर शिफ्ट करना चाहता था। गाजियाबाद में वह पहले एसएचआर इंडिया इंडस्ट्रीज के नाम से फैक्टरी चलाता था। जुलाई 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने मोरटा में फैक्टरी पर छापा मारकर शाह फहद को गिरफ्तार कर लिया था। तब भी मौके से अवैध हथियार और कलपुर्जे बरामद हुए। जेल से छूटकर आने के बाद शाह ने पत्नी के नाम से नई फैक्टरी पंजीकृत कराकर फिर से तमंचा बनाने लगा।