कैब लूटने की घटना प्रकाश में आने के बाद पुलिस को लग रहा था कि जिस नंबर से कार बुक कराई गई है। उसके आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पड़ताल में सिम के नाबालिग के नाम निकला। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने सड़क किनारे सिम बेचने वाले को आईडी दी थी, लेकिन सिम नहीं खरीद पाया था। पुलिस ने विक्रेता से पूछताछ की तो बताया कि उसने एक रिटेलर को सिम वापस कर दिया था।
रिटेलर से पूछताछ में थोक विक्रेता का नाम सामने आया। थोक विक्रेता से जानकारी मिली कि उसके यहां काम करने वाला एक लड़का सिम ले गया था। इस पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तब जानकारी मिली कि जितेंद्र व देवेश ने लड़कियों से बात करने के लिए उससे सिम मांगा था। उसने दोनों को सिम बेचा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हो गया।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जितेंद्र कैब चालक है जबकि देवेश एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी करता था। आरोपियों ने गली बॉय फिल्म देखी थी। अधिक धन जुटाने के लिए फिल्म की तरह गाड़ी लूटकर बेचने लगे।
सर्विस कराते समय भी बरतें सावधानी : एसपी देहात
एसपी देहात विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने बुधवार को एक कार चुराने वाले डाक्टर को गिरफ्तार किया था। पड़ताल में पता चला कि आरोपी डाक्टर मेरठ के एक बड़े गिरोह के संपर्क में था। ये गिरोह सर्विस सेेंटर में आने वाली कार की डुप्लीकेट चाबी बनाकर उसमें जीपीएस लगा देता था। कुछ दिन बाद जीपीएस की मदद से लोकेशन पता लगाकर कार चोरी कर लेता था। ऐसे में लोगों को कार की सर्विस कराते समय भी सावधान रहने की जरूरत है।