दिल्ली में सरकार बनाने या न बनाने के सवाल पर भाजपा में असमंजस कायम है। यह असमंजस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई बैठक में भी कायम रही।
बैठक में जहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सरकार बनाए जाने का विरोध किया, वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी ने सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी।
अब प्रधानमंत्री इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत कर इस बारे में अंतिम फैसला लेंगे।
दिग्गज नेताओं में सख्त नाराजगी
हालांकि बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ-साथ खुद मोदी भी जोड़तोड़ के सहारे सरकार बनाने के इच्छुक नहीं हैं। माना जा रहा है कि मोदी, शाह से विचार विमर्श के बाद वरिष्ठ नेताओं से एक बार फिर चर्चा करेंगे।
बैठक में मौजूद एक नेता के मुताबिक सुषमा, जेटली और हर्षवर्धन तीनों का कहना था कि फिलहाल सरकार बनाने से पार्टी पर जोड़तोड़ का आरोप लगेगा। इससे न केवल पार्टी की छवि खराब होगी, बल्कि पार्टी के इस कदम से आम आदमी पार्टी को बिना वजह नया आधार मिलेगा।
इन नेताओं का कहना था कि पार्टी को फिलहाल इस मुद्दे पर चुप बैठ कर चुनावी तैयारियों में जुटना चाहिए।
राजनाथ और गडकरी ने रखा ये प्लान
हालांकि राजनाथ और गडकरी का कहना था कि भाजपा सरकार बनाए और बेहतर शासन उपलब्ध करा कर अपना आधार मजबूत करे। इन नेताओं ने विधानसभा भंग होने की स्थिति बनने पर विधायकों में नाराजगी घर करने की भी बात कही।
गडकरी का कहना था कि एक बार जब सरकार बेहतर ढंग से काम करना शुरू कर देगी, तब विपक्ष के आरोपों को जगह नहीं मिलेगी।
उक्त नेता के मुताबिक हालांकि बैठक के दौरान मोदी ज्यादातर समय चुप्पी साधे रहे, मगर इस दौरान उन्होंने भी सरकार बनने की स्थिति में पार्टी की छवि को ले कर अपनी आशंकाएं व्यक्त की।
संघ के नेताओं से मिले थे अमित शाह
बहरहाल दिल्ली में पार्टी सरकार बनाए या नहीं, इस पर अंतिम फैसला नए अध्यक्ष अमित शाह और मोदी करेंगे। मोदी इस मसले पर शाह से बातचीत करने के बाद शाह के साथ ही फिर से वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में नागपुर गए शाह की इस मुद्दे पर संघ के आला नेताओं से भी बात हुई थी।
संघ ने हालांकि इस संबंध में अपनी स्पष्ट राय नहीं दी, मगर इस दौरान उसने सरकार बनाने की स्थिति में जोड़तोड़ के कारण पार्टी की छवि के संदर्भ में गलत संदेश जाने की आशंका जरूर जाहिर की।