महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत बीपीएल परिवारों को दिए जाने वाले 100-100 वर्ग गज के प्लॉट की प्लाटिंग यहां सरकारी स्कूल की जमीन की कर दी गई। जांच होने पर मामला सामने आया। यह मामला ग्राम पंचायत फरीदपुर के गांव सदपुरा का है।
ऐसे करीब 21 लोग हैं जिन्हें प्लॉट दिए गए। पात्रों ने जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली। अब उन रजिस्ट्रियों को निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। इस पूरे फर्जीवाड़े में सरपंच ने पटवारी को जिम्मेदार ठहराया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत फरीदपुर में बीपीएल परिवार, भूमिहीन व अनुसूचित जाति के लोगों को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत 100-100 वर्ग का प्लॉट दिया जाना था। फरीदपुर व सदपुरा गांव को मिलाकर करीब 100 लोगों को प्लॉट दिए जाने थे। फरीदपुर में पात्रों को जमीन दे दी गई। सदपुरा गांव में कृष्ण, सूरजपाल, मुकेश कुमार, देशराज, भीम, तेजपाल, बालकिशन, काले खां, रूपचंद, बुधराम एवं प्रकाश समेत 21 पात्रों को सरकारी स्कूल के लिए रिजर्व जमीन पर प्लॉटिंग कर दी गई।
यही नहीं सरपंच और पटवारी ने मिलकर उनकी रजिस्ट्री भी करा दी। इस बात की जानकारी होने पर किसी ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीओ) से इस मामले की जांच कराई गई। बीडीओ ने 27 अगस्त को जांच की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी।
क्या कहा गया जांच रिपोर्ट में
बीडीओ ने जांच रिपोर्ट में कहा कि सदपुरा गांव में जिन पात्रों को प्लॉट दिए गए हैं, वह भूमि राजस्व रिकार्ड में गैर मुमकिन स्कूल की जमीन है। जबकि सरकार के निर्देशानुसार स्कूल की जमीन की प्लॉटिंग नहीं की जा सकती है। तहसीलदार तिगांव व हल्का पटवारी की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम सदपुरा में शामलात देह की जमीन नहीं दर्शायी गई है। इसलिए इस भूमि में प्लॉट देना उचित नहीं है।
सरपंच का कहना है
ग्राम पंचायत फरीदपुर के सरपंच दयाचंद का कहना है कि 1953-54 में हुई चकबंदी के पहले कुछ नंबरों पर स्कूल की जमीन लिखा हुआ था लेकिन वर्तमान में उन नंबरों पर कहीं भी स्कूल की जमीन का उल्लेख नहीं है। उनका कहना है कि जब जमाबंदी ली गई तो भी इस जमीन का राजस्व रिकार्ड में कोई उल्लेख नहीं था। जो भी गड़बड़ हुआ है उसके लिए हलक पटवारी जिम्मेदार है। इसमें हमारा कोई दोष नहीं।
जो गड़बड़ी सामने आई है उसे सुधारा जाएगा। करीब 21 रजिस्ट्रियां निरस्त की जाएगी। क्योंकि स्कूल की जमीन की प्लॉटिंग हो ही नहीं सकती। लेकिन पात्रों को उनके लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। जो पात्र प्रभावित हो रहे हैं उनके लिए अलग से भूमि का अधिग्रहण करके उन्हें प्लाट दिए जाएंगे। - दिनेश यादव, अतिरिक्त उपायुक्त, फरीदाबाद