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प्रवेश पत्र के बदले गिरवी रखी बाइक: छात्र की फीस जमा न होने पर मैपल ग्रोव वर्ल्ड स्कूल प्रबंधन का कारनामा

Fri, 24 Feb 2023 10:27 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर

सार

कक्षा 12 की फीस 49,900 रुपये है। 34500 रुपये जमा किए जा चुके थे। शेष 15400 रुपये के लिए जितेंद्र ने कुछ समय मांगा था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश पत्र देने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बुलंदशहर में स्याना के मैपल ग्रोव स्कूल ने 12वीं के छात्र जितेंद्र वशिष्ठ की फीस जमा न करने पर प्रवेश पत्र रोक दिया। जब छात्र ने प्रवेश पत्र देने के लिए प्रार्थना की तो स्कूल प्रबंधन ने छात्र के पिता की बाइक गिरवी रखवा ली। वह विद्यालय में बाइक गिरवी रखकर पैदल घर पहुंचा। शुक्रवार को छात्र ने अंग्रेजी की परीक्षा दी। वहीं स्कूल प्रशासन की इस हरकत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा है।

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गांव बरहाना निवासी ज्ञानेंद्र वशिष्ठ का पुत्र जितेंद्र वशिष्ठ वर्ष 2016 से स्याना के मैपल ग्रोव वर्ल्ड स्कूल में पढ़ता है। जितेंद्र वशिष्ट वर्तमान में कक्षा 12 का छात्र है और वह अपना प्रवेश पत्र लेने के लिए स्कूल गया था। जितेंद्र ने जब विद्यालय में प्रवेश पत्र मांगा तो विद्यालय ने बिना फीस जमा किए प्रवेश पत्र देने से इंकार कर दिया। कक्षा 12 की फीस 49,900 रुपये है। 34500 रुपये जमा किए जा चुके थे। शेष 15400 रुपये के लिए जितेंद्र ने कुछ समय मांगा था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश पत्र देने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। 

परीक्षा में नहीं बैठने के डर से जितेंद्र ने मजबूरी में अपनी बाइक पैसे देने तक के लिए स्कूल को देने की बात कही। स्कूल प्रबंधन ने सारी मर्यादाओं को लांघते हुए बाइक को गिरवी रख प्रवेश पत्र दे दिया। शर्मसार करने वाली बात यह है कि पैसों के बदले में बाइक रखने की रसीद भी छात्र को दे दी गई। घटना को लेकर जितेंद्र के चाचा सचिन शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से जितेंद्र इसी स्कूल में पढ़ रहा है। इस बार थोड़ी परेशानी के चलते कुछ फीस रह गई थी। दो-तीन दिन की मोहलत मांगी गई थी। लेकिन स्कूल ने एक नहीं सुनी और बाइक को गिरवी रख लिया। पहले भी यह विद्यालय विवादों में रहा है।

मैं डिप्रेशन में हूं, पड़ोसी की बाइक मांगकर परीक्षा देने गया
स्कूल द्वारा बाइक गिरवी रखने के बाद छात्र डिप्रेशन में आ गया है। छात्र जितेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि आठ वर्ष से इस विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। कभी भी फीस देने में परेशानी या देरी नहीं हुई। इस बार किसी कारण से फीस जमा नहीं हुई तो विद्यालय ने हमारा अपमान किया है। हमारी परेशानी का मजाक बनाया है, जिससे पिता और परिवार के सम्मान को ठेस पहुंची है। मजबूरी में परीक्षा जरूर दी है, लेकिन अंदर से हिम्मत टूटी हुई है। 26 फरवरी को बड़ी बहन की घर में शादी है। शुक्रवार को पिता के साथ पड़ोसी की बाइक मांगकर 12 किलो मीटर दूर सनराइज पब्लिक स्कूल स्याना में परीक्षा देने गया। पिता ज्ञानेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि शुक्रवार शाम तक बाइक लौटाने की पहल नहीं की गई है। दूसरे लोगों से फोन कराकर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 
 
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पूरा मामला संज्ञान में आ गया है। छात्र व परिजनों की शिकायत नहीं मिली है। फिर भी स्कूल संचालक से स्पष्टीकरण मांगा है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। - शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक

छात्र ने अपनी पूरी फीस जमा नहीं कराई थी। छात्र के पिता ने स्वयं फीस के बदले बाइक गिरवी रखने का विकल्प दिया था। एक- दो दिन में पैसे जमाकर बाइक ले जाने को कहा था। इसमें स्कूल प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। - अभिषेक कुमार, वाइस चेयरमैन, मैपल ग्रोव वर्ल्ड स्कूल।
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