पीयूष गोयल ने ट्रेड फेयर में डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस साल देश में करीब पांच हजार करोड़ का डिजिटल लेन देन हुआ है। यदि पूरे मेले में डिजिटल लेनदेन होगा तो इससे व्यापार का सही आकलन हो पाएगा।
पीयूष गोयल ने ट्रेड फेयर को डीसेंट्रलाइज्ड और लोकल सामानों को अधिक तरजीह देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मेले का वर्चुअल टुअर भी कराया जाए। इससे जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते वो आनलाइन खरीदारी करके सामान खरीद सकेंगे। अलगे साल तीन नए हॉल बन जाएंगे। अगले साल नवम्बर तक प्रगति मैदान में तीन नए हॉल-1, 6 और 14 भी बनकर तैयार हो जाएंगे। पूरी तरह अत्याधुनिक तकनीक पर बनाए जा रहे इन तीनों हॉल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके अलावा एक भव्य कनवेंशन सेंटर भी यहां बनाया जा रहा है।
ट्रेड फेयर के उद्घाटन समारोह में दो केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश, अनुप्रिया पटेल और झारखंड, महाराष्ट्र और केरला के वाणिज्य मंत्री शामिल थे। इनके अलावा केंद्रीय वाणिज्य सचिव सुनील भारद्वाज, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और आईटीपीओ के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला भी उपस्थित थे। मुख्य कार्यक्रम के बाद दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, केरल, झारखंड समेत कई राज्यों के पवेलियन का भी औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया।
ट्रेड फेयर में पहले दिन केवल प्रदर्शकों, व्यवसायियों की ही भीड़ थी। हॉल संख्या सात के सामने सरस मेले का आयोजन किया गया है। यहां रोजाना रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। आईटीपीओ के अधिकारियों के मुताबिक 18 नवम्बर तक बिजनेस डे है। इस बीच वीकेंड भी नहीं है। लेकिन 19-27 नवम्बर को आम लोगों के लिए मेला खुलेगा तो भीड़ बढ़ेगी। मेले में भैरो सिंह मार्ग से गेट नंबर-4 और सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन की तरफ से गेट नंबर-10 से एंट्री मिलेगी।
आईटीपीओ द्वारा अधिकृत भैरो मार्ग पार्किंग का शुल्क तीन गुना बढ़ा दिया गया है। हाल ही में पार्किंग का ठेका नए कॉन्ट्रेक्टर को दिया गया है, जिसने दो पहिया पार्किंग का शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपया कर दिया है और चार पहिया पार्किंग शुल्क 120 रुपया कर दिया है। पार्किंग में काम करने वाले लोगों की मानें तो अभी इसे और बढ़ाने की योजना है।