हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में स्थिति तनावपूर्ण है। विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है। इससे टीएचए से अमरनाथ यात्रा पर गए 18 श्रद्धालु फंसे हुए हैं।
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वहीं आतंकवादियों के हमले और अमरनाथ यात्रियों के फंसने की खबर सुनते ही वहां फंसे हुए लोगों के परिजन अपनों की सलामती व सकुशल लौटने के लिए दुआएं मांग रहे हैं। रविवार को यात्रा में फंसे लोगों ने अपने परिवार वालों से फोन पर बात की। कुछ श्रद्धालुओं ने फोन पर अमर उजाला से अपनी आप बीती बताई और सुरक्षित होने की सूचना दी।
टीएचए से इंदिरापुरम, वैशाली, राजेंद्र नगर और साहिबाबाद इलाके से करीब 18 लोग सात जुलाई की शाम अपनी गाड़ी से अमरनाथ यात्रा के लिए निकले। वैशाली सेक्टर-3 निवासी केदार मेहता ने बताया कि बनिहाल पहुंचते ही हमें विरोध का सामना करना पड़ा।
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चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी
- फोटो : amar ujala
प्रदर्शनकारियों ने उन पर पथराव किया। हमारे आगे की गाड़ियों को गुस्साए लोगों ने तोड़ दिया। चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी। ऐसे में हम लोग वहीं से वापस लौटने लगे।
बड़ी मुश्किल से प्रदर्शनकारियों से छिपते-छिपाते जान बचाकर रामबाण पहुंचे। अभी एक शेल्टर होम में जगह मिली है। जहां से घर फोन किया जा सका है। राजेंद्र नगर निवासी रवि ने बताया कि दो दिन तक फोन व इंटरनेट सेवा बंद रही।
घरवालों से भी कोई संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में परिजनों का बुरा हाल था। रविवार को रामबाण पहुंचने पर घर वालों से बात हो सकी और उन्हें सबके सुरक्षित होने की सूचना दी गई। मामला शांत होते ही यह लोग टीएचए के लिए निकलेंगे।
जला दी कई गाड़ियां
- फोटो : Amar Ujala
मकनपुर निवासी आदेश शर्मा ने बताया कि उनकी गाड़ी के आगे कुछ दूरी पर चल रही एक जीप को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। इस बीच सुरक्षाकर्मी आए और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। सुरक्षाकर्मियों ने हमारी गाड़ी को वापस लौटाया। जिसके बाद जान बच सकी।
अमरनाथ यात्रा के लिए बुलंदशहर/औरंगाबाद जनपद से गए 55 श्रद्धालु अनंतनाग जिले के पास फंसे हैं। श्रद्धालुओं ने फोन पर परिजनों को आपबीती सुनाई। श्रद्धालुओं ने बताया कि उनको जहां ठहराया गया है, वहां सरकारी स्तर पर खाने-पीने का इंतजाम नहीं है।
स्थिति यह है कि 24 घंटे से भूख प्यास से परेशान श्रद्धालु माहौल सामान्य होने की दुआ कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि अराजक तत्व वहां पर जबरन पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवा रहे हैं। वहीं, श्रद्धालुओं के फंसने से उनके परिजनों की सांसे अटकीं हुई हैं।
बता दें कि गत सात जुलाई को जनपद से श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ था। जत्थे में औरंगाबाद, बुलंदशहर की आवास विकास कालोनी, सराय छबीला, ऊंचागांव, दौलतपुर, जीवनपुरा, खालकपुर, अलीगढ़, बीबीनगर के 55 श्रद्धालु शामिल थे।
हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में माहौल असामान्य है। अनंतनाग में फंसे औरंगाबाद निवासी ओमप्रकाश आर्य ने फोन पर बताया कि बस में सवार श्रद्धालुओं से आगे खड़ी बसों में बवाली एक साथ सैकड़ों की तादात में लाठी-डंडे लेकर आए और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए।
जिन्होंने नारे नहीं लगाए उनको पीटा। सेना के जवानों को देख अराजक तत्व भाग गए। सुरक्षा हटते ही बवाली फिर आकर धमकाने लगते थे।