सुनंदा पुष्कर के पोस्टमार्टम से जुड़े 36 फोटोग्राफ पहले ही बचाव पक्ष को दिए जा चुके हैं। यह तर्क दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सुनंदा पुष्कर मामले की सुनवाई कर रही अदालत के समक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 मार्च की तारीख तय की गई है।
दिल्ली पुलिस ने मामले की करीब चार साल चली जांच के बाद 14 मई, 2018 को शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर के आरोप पर जवाब दिया कि आरोप पत्र में सुनंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के फोटोग्राफ का तथ्य भूलवश रिपोर्ट के रूप में लिखा गया है।
यह 36 फोटोग्राफ बचाव पक्ष को दिए जा चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के वकील ने यह भी कहा कि डॉ. सुधीर गुप्ता एम्स से रिटायर्ड नहीं हुए हैं, वह अभी एम्स में कार्यरत हैं।
कोर्ट में थरूर ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने सुनंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी उन्हें नहीं दी है, इसलिए इस मामले को वापस एसीएमएम के समक्ष भेजा जाए, ताकि यह दस्तावेज उन्हें मिल सकें। डॉ गुप्ता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट छिपाई थी और उसे बाद में मीडिया में लीक किया था। वह एम्स से रिटायर्ड हो चुके हैं लेकिन यह रिपोर्ट अभी भी उनके पास है।