तुगलकाबाद में संत रविदास का मंदिर फिर से बनवाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को भी जारी रहा। धरनारत लोगों ने सरकार को चेतावनी दी है कि पांच सितंबर तक मंदिर की जमीन न सौंपी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
गुरु रविदास जयंती समारोह समिति के नेतृत्व में तीन दिन से चल रहे धरना-प्रदर्शन में रविवार को दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार मंदिर की जमीन वापस देने के लिए तैयार है। सरकार इस जमीन को जंगल भूमि की श्रेणी से बाहर निकालने के लिए भी तैयार है, लेकिन जब तक डीडीए इसे लौटाने के संबंध में दिल्ली सरकार को प्रस्ताव नहीं देता, तब तक वह कुछ नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि संत रविदास मंदिर से जुड़ी आस्था को ठेस ना पहुंचे। इसलिए मंदिर फिर से तुगलकाबाद में मूल स्थान पर बनवाने के पक्ष में है।
इस दौरान अशोक भारती ने कहा कि तुगलकाबादवासियों को संत रविदास का मंदिर उनके मूल स्थान पर ही बनवाना है। इसके लिए लोग पूरी जान लगाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार संत रविदास का मंदिर फिर से बनवाने की बात करती है, लेकिन डीडीए और दिल्ली सरकार के बीच लोगों को क्यों पीसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीडीए जमीन वापस करने के संबंध में प्रस्ताव नहीं देता तो दिल्ली सरकार मदद नहीं कर सकती।