आस्था और उमंग के साथ लोगों ने नए वर्ष की शुरुआत की। वर्ष के पहले दिन मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। नव वर्ष में लोगों ने सुख-समृद्धि की कामना की। विशेष-पूजा अर्चना व हवन का आयोजन हुआ।
जगह-जगह हुए धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु देर तक प्रभु भजनों पर झूमे। तो वहीं मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और पार्कों में भी दिन भर रौनक रही। लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ नए वर्ष का धूमधाम से स्वागत किया।
सूरजकुंड रोड स्थित सिद्धदाता आश्रम में सुबह से दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अपनी बारी के लिए लोग घंटों लाइन में लगे रहे। दर्शन के बाद पुरुषोत्तमाचार्य ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिया।
सुबह से ही आश्रम परिसर में भजन संगीत का सिलसिला शुरू हो गया। भजनों पर लोग देर शाम तक प्रभु भक्ति में झूमते रहे। वहीं, शहर के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।
लोगों ने मंदिरों में माथा टेकने के बाद दिनचर्या शुरू की। एनआईटी-2 स्थित सिद्धपीठ काली मंदिर में माता रानी के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। कमेटी प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि नए साल पर दिनभर मंदिर के पट खुले रहे। करीब दो हजार लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
एनआईटी-2 स्थित वैष्णो मंदिर में हाथ में पूजा की थाली लिए भक्त घंटों कतार में खड़े रहे। नंबर आने पर भक्तों ने माता को नारियल व प्रसाद भेंट किया। कमेटी के कोषाध्यक्ष गिर्राज गौड ने बताया कि लोगों में भगवान के प्रति आस्था बढ़ी है।
अब हर कोई माता रानी के आशीर्वाद से ही अपने दिन की शुरुआत करना चाहता है। इसी तरह एनआईटी-5 स्थित बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण की प्रतिमा को नए वस्त्र पहनाकर शृंगार किया गया।
56 व्यंजनों का भोग भक्तों के बीच वितरित किया गया। सेक्टर-22 स्थित वैष्णो मंदिर में नव वर्ष के उपलक्ष्य में माता की चौकी का आयोजन किया गया। इसमें भजन गायक सुरेश गर्ग व रूप चोपड़ा ने अपने भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।
पर्यावरण शुद्धि के लिए यज्ञ का आयोजन
नए साल के अवसर पर जगह-जगह यज्ञ का आयोजन हुआ। सूरजकुंड रोड स्थित मानव रचना यूनिवर्सिटी में महामृत्युंजय यज्ञ के साथ नए साल का स्वागत हुआ। अध्यापक व विद्यार्थियों ने मिलकर पूर्णाहुति दी।
हवन के बाद सिद्धार्थ मोहन के भजनों पर सभी ने आनंद लिया। इस मौके पर संस्थान के प्रधान डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है, वैसे ही हवन इंसान के मन को शुद्ध करता है।
इसके अलावा बल्लभगढ़ स्थित गौशाला में पर्यावरण शुद्धि के लिए हवन का आयोजन हुआ। रूपेश ने बताया कि हर वर्ष यज्ञ से नववर्ष की शुरुआत होती है।