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लोगों ने 'घर बिकाऊ है' के पोस्टर लगाए, सांसद तिवारी ने दिया मदद का आश्वासन

Sat, 01 Aug 2020 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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लोगों से मिले मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने शुक्रवार को बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुरी, मौजपुर और नूर ए इलाही क्षेत्र का दौरा कर विशेष समुदाय के डर के कारण घर बेचने को मजबूर हिंदू परिवारों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिख लोगों के साथ न्याय करने की मांग की।

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दरअसल, एक दिन पहले सांसद को जानकारी मिली थी कि हिंसा प्रभावित इलाके में कुछ लोगों ने विशेष समुदाय के डर के कारण अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ के पोस्टर चिपका दिए हैं। जिसके बाद मनोज तिवारी ने पुलिस अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया। इस अवसर पर मनोज तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार उत्तर पूर्वी दिल्ली को एनआरसी के विरोध के नाम पर सांप्रदायिक दंगे में धकेलने का काम कुछ देश विरोधियों द्वारा किया गया है, वह निंदनीय है। 

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यहां के स्थानीय विधायक ने तेरा वोट मेरा वोट की राजनीति की उस अनदेखी से नाराज और दंगे के बाद साजिश से भयभीत लोगों के साथ  भेदभाव कर झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पूछा है कि हिंसा में सभी पीड़ित हुए हैं, लेकिन मुआवजे के नाम पर दोहरा मानदंड क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रायोजित दंगों में हाथ किसी का भी रहा हो, लेकिन सरकार चेहरा और नाम पूछ कर भेदभाव क्यों कर रही है। 
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तिवारी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा बनाने के लिए पहल की जाएगी। वहीं यहां नियमित तौर पर आकर मैं खुद उन लोगों से मिलूंगा जो असुरक्षा का वातावरण महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को सजा न मिले और दोषी व्यक्ति बख्शा न जा सके। उन्होंने कहां कि हम ऐसे वातावरण का निर्माण करेंगे जिसमें सभी लोग सुरक्षा की भावना के साथ स्वाभिमान से सिर उठाकर किसी भी क्षेत्र और मोहल्ले में रह सके। 

क्या है मामला
फरवरी में हुई हिंसा के बाद इलाके के हिंदू परिवार के लोग विशेष समुदाय द्वारा धमकियों से परेशान हैं। नौबत यहां तक आ गई है कि कुछ  लोग यहां से मकान बेचकर पलायन करने को मजबूर हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगा रखे हैं। लोगों का कहना है कि कुछ विशेष समुदाय के लोग रात में उनके घरों का दरवाजाय खटखटाते हैं और धमकियां देते हैं।

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