राजधानी के सबसे बड़े कोविड कोविड अस्पताल एलएनजेपी में भर्ती करीब 30 फीसदी मरीज मोटापे से पीड़ित है। डॉक्टरों का कहना है कि मोटे लोगों की इस बीमारी से अधिक खतरा होता है।
एलएनजेपी के डॉक्टर सुरेश ने बताया कि अस्पताल में दो हजार बेड मौजूद हैं। इनमें से 400 पर मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों में से करीब 30 फीसदी ऐसे हैं,जो मोटापे से ग्रस्त हैं। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि दुबले लोगों की तुलना में मोटे लोगों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी अच्छी नहीं होती।
इसकी वजह से इलाज में परेशानी आती है। मोटापे से ग्रस्त लोग पहले से भी कई बीमारियों से पीड़ित रहते हैं।,हालांकि अस्पताल के डॉक्टर इनके इलाज पर खास ध्यान दे रहे हैं,लेकिन इसके बावजूद मोटापा ग्रस्त लोगों को ज्यादा खतरा बना रहता है।
मोटे लोगों को क्यों है ज्यादा खतरा
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते हैं कि मोटे लोगों को कोई भी बीमारी होने की आशंका ज्यादा होती है। क्योंकि ये लोग फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स वाले भोजन नहीं करते। इससे इनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। मोटापे से पीड़ित लोगों में फैट अधिक मात्रा में मौजूद रहता है। यह लीवर को प्रभावित करता है। इस वजह से बल्ड में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है। यही कारण है की मोटे लोगों को कोरोना से काफी अधिक खतरा रहता है। अगर इन मरीजों में डायबिटीज की भी समस्या है तो यह रोग इनके लिए काफी घातक साबित होता है।
क्या कहते हैं शोध
कई देशों में हुए शोध से पता चलता है कि वायरस के सामान्य मरीजों के मुकाबले मोटापे से ग्रस्त कोरोना के रोगियों को अस्पताल में भर्ती कराने की दोगुनी आवश्यकता पड़ी। ब्रिटेन में हुए एक सर्वे से पता चलता है कि जो लोग मोटे थे और उनका बीएमआई(बॉडी मास इंडेक्स) 30 से ऊपर था। उनकी मृत्यु दर दूसरे मरीजों की तुलना में करीब 30 फीसदी अधिक थी।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के ग्रासमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन ने पहले अध्ययन में 4103 लोंगों पर एक अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि 30 फीसदी से ज्यादा बीएमआई वाले यानी मोटे मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के साथ- साथ वेंटीलेटर का सहारा भी लेना पड़ा।
मोटापे को कम करने के लिए इन नियमों का करें पालन
विशेषज्ञों के अनुसार,मोटापे को कम करने के लिए फाइबर वाली चीजों को अपने खाने में शामिल करें। साथ ही उन खाद्य पदार्थों का सेवन करे,जिनमें मेटाबॉलिजम कम हो। भोजन में सब्जियां और फल को सेवन अधिक करें। वजन कम करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और कसरत करना भी जरुरी है।
ये समस्या भी पाई जाती है
डॉक्टरों के मुताबिक,कुछ मोटापा ग्रस्त मरीजों में हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम भी पाया जाता है। यह सांस से संबंधित समस्या है। जिसमें मरीज के बल्ड में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे मरीज को ज्यादा खतर रहता है।