जारचा कोतवाली क्षेत्र के बिसाहड़ा से लगे प्यावली गांव के मंदिर में शनिवार को मिले खून के धब्बों की घटना के बाद रविवार को गांव पहुंची साध्वी और उनकी भड़काऊ बातों का लोगों ने विरोध किया।
सौहार्द बनाए रखने के लिए ग्रामीणों ने साध्वी के आने का सम्मान रखा, लेकिन भविष्य में न आने की बात कहते हुए प्यावली को बिसाहड़ा न बनाने की अपील की।
दरअसल, प्यावली गांव के बाहर जंगल में बने पत्थर वाले मंदिर के परिसर में खून के धब्बे मिले थे। इसके बाद गांव में चर्चाएं होने लगीं, लेकिन गांव के लोगों ने समझदारी का परिचय देते हुए सौहार्द बनाए रखा।
मंदिर में खून के धब्बे मिलना समाज की भावना से खिलवाड़
रविवार को एसडीएम ने भी मंदिर और गांव का दौरा किया। इस दौरान पुलिस को चमका देकर प्यावली पहुंची साध्वी हर सिद्धी गिरी ने कहा कि मंदिर में खून के धब्बे मिलना समाज की भावना से खिलवाड़ है।
इससे भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदेश सरकार को इसकी फोरेंसिक जांच करानी चाहिए। मंदिर का शुद्धि करण गौमूत्र और गंगाजल का छिड़काव कर कराया जाएगा। इस पर लोगों ने साध्वी से अपील की कि इसे बिसाहड़ा न बनाएं, जिसके बाद वे चली गईं।
ग्राम प्रधान के पति कमल किशोर का कहना है कि एक पशु घूम रहा था जिसका सींग टूटा था। हो सकता है उसके खून के निशान हों। अगर इस घटना पर सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो कार्रवाई होगी।
पुजारी सुबह उठा तो जहां-तहां खून के धब्बे लगे मिले
मंदिर समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी लोकेश गर्ग ने कहा कि अगर कोई असामाजिक तत्व मंदिर का सहारा लेकर माहौल खराब करने की सोच रखता है तो उसे ग्रामीण बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ग्रामीण तेजबीर राणा का कहना है कि गांव से जंगल में बने मंदिर में खून के धब्बे मिलने से जो लोग अफवाह उड़ा रहे हैं वह समाज हित में नहीं है।
मंदिर के पुजारी राजकुमार का कहना है कि वह रात में कुटी में सोया हुआ था उसने किसी को नहीं देखा। शनिवार सुबह उठा तो जहां-तहां खून के धब्बे लगे मिले। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान और मंदिर समिति के लोगों को दी गई। पुलिस के आने पर पानी से सफाई कर दी गई।
इकलाख हत्याकांड की चार्जशीट आज मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी
बिसाहड़ा कांड में दाखिल की गई चार्जशीट सोमवार को मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी। इससे पहले चार्जशीट पर आरोपियों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे।
28 सितंबर को हुए इकलाख हत्याकांड में पुलिस ने 24 दिसंबर को कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में पुलिस अभी तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कुल 19 आरोपियों में से दो अभी भी फरार हैं।
उपजिलाधिकारी के मुताबिक खून के धब्बों के मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। पुजारी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।