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इससे दर्दनाक और क्या होगा?: अपने ही गांव में किराए पर रहने को मजबूर परिवार, प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप

Fri, 06 Oct 2023 01:55 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गांव में पांच मंजिला इमारत के झुकने के बाद पास के पांच घरों को खाली करा दिया था। आरोप है कि तीन माह बाद भी प्राधिकरण इमारत को गिराने का फैसला नहीं ले सका है।
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किराये पर रहने को मजबूर परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेनो वेस्ट के खेड़ा चौगानपुर गांव के कुछ परिवार अपना घर छोड़कर दूसरे के घरों में तो कुछ किराए पर रहने को मजबूर हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गांव में पांच मंजिला इमारत के झुकने के बाद पास के पांच घरों को खाली करा दिया था। आरोप है कि तीन माह बाद भी प्राधिकरण इमारत को गिराने का फैसला नहीं ले सका है। साथ ही गांव का रास्ता भी बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं।

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गांव में शुभम सिंह का मकान पांच मंजिला इमारत के निकट है और इस इमारत के झुकने से गिरने के खतरे को देखकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उनका मकान खाली करा दिया था। तीन माह से परिवार के सभी सदस्य गांव में एक कमरे का मकान किराए पर लेकर रह रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अन्य परिवार भी इसी तरह घर से बेघर कर दिए गए हैं। इस संबंध में प्राधिकरण के अफसरों से कई बार बात हुई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला है।
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आसपास के मकानों में आईं दरार
ग्रामीणों ने बताया कि पांच मंजिला इमारत के झुकने से आसपास के मकानों में दरारें आ गई हैं। प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग ने लगातार शिकायत के चार माह बाद संज्ञान लेकर इमारत, इसके सामने गांव के मुख्य रास्ते को सील किया था। तब प्राधिकरण ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही आईआईटी रुड़की या दिल्ली की टीम से सर्वे कराकर इमारत को गिराया जाएगा, लेकिन तीन माह बीत चुके हैं, अब तक कोई पहल नहीं की गई। प्रोजेक्ट विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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