मजबूत होगा रेफरल सिस्टम
एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने विशेष बातचीत में बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर अस्पतालों की इमरजेंसी सुविधाओं की रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों के स्टाफ व डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान एम्स के प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी गई। इसमें आईसीयू, वेंटिलेटर मशीन व जांच उपकरण सहित अन्य जानकारियां दी गईं। साथ ही, डॉक्टरों से डॉक्टरों के बीच संपर्क बनाया गया, ताकि मरीज को उचित सुविधा मिल सके। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस प्रयास से रेफरल सिस्टम मजबूत होगा।
एम्स में दूर होगी डॉक्टरों की कमी
एम्स में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। एम्स निदेशक ने बताया कि मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान सहित अन्य के लिए स्टाफ की भर्ती की अनुमति मिल गई है। जल्द ही डॉक्टर व स्टाफ की कमी दूर होगी। इसका सीधा फायदा मरीजों हो होगा।
मैदान गढ़ी में अस्पताल तैयार
एम्स की देखरेख में मैदान गढ़ी स्थित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा विज्ञान संस्थान (सीएपीएफआईएमएस) का भवन बनकर तैयार हो गया है। अस्पताल में 30 फीसदी तक जरूरी चिकित्सा उपकरण आ गए हैं। सभी उपकरण आने के बाद अस्पताल में सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। एम्स इस अस्पताल के लिए स्टाफ की भर्ती से लेकर संचालक तक की सेवाएं देगा। यह अस्पताल करीब एक हजार बिस्तर का है। अस्पताल शुरू होने के बाद आर्मी के अलावा सामान्य लोगों को भी राहत मिलेगी।
मास्टर प्लान पर काम हो गया तेज
मास्टर प्लान के तहत एम्स में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण तेज हो गया है। इसकी मदद से दिल, मस्तिष्क, कैंसर के मरीजों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। मौजूदा समय में कॉडियो-न्यूरो सेंटर में सहित दूसरे ब्लॉक में मरीजों के लिए उपयुक्त जगह नहीं है। इनके लिए न्यू राजकुमारी ओपीडी के पास नया ब्लॉक बनेगा। इसके लिए टेंडर हो गया है। करीब 500 करोड़ रुपये से सुविधाओं का विस्तार होगा। इसके अलावा डॉक्टरों के लिए हॉस्टल सहित अन्य व्यवस्था की जाएगी। वहीं, इमरजेंसी के लिए 300 बेड की सुविधा का भी विस्तार होना है। इस दिशा में भी आगे काम होगा। ओपीडी होने के बाद इस दिशा में भी काम किया जाएगा।