दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर पेश की गई सीएजी रिपोर्ट के बाद तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार पर कई घोटालों में शामिल होने का आरोप लगाया। सिंह ने कहा कि आप सरकार ने केवल घोटाले किए हैं, यहां तक कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी घोटाला किया। लिहरजा घोटालों करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट ने दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर कमियों का खुलासा किया, जिसमें कर्मचारियों की भारी कमी, अपर्याप्त सुविधाएं और खराब प्रबंधन शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में 21 प्रतिशत कर्मचारियों की कमी है, जबकि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी 30 प्रतिशत तक बताई गई है।
इसके अलावा, अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की कमी थी, और कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कैट्स एम्बुलेंस आवश्यक उपकरणों के बिना चल रही थीं और रेडियोलॉजिकल सेवाओं का उपयोग अपर्याप्त था। सीएजी ने दिल्ली के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा सके।
केजरीवाल के स्वास्थ्य मॉडल की पोल खोली: वीरेंद्र सचदेवा
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश की गई सीएजी की दूसरी रिपोर्ट को लेकर अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट ने केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक और अस्पतालों के नाम पर दिल्ली के लोगों को धोखा देने के मामले को साबित कर दिया।
अस्पतालों में नकली दवाइयां बांटी हैं: वीरेंद्र सचदेवा
सचदेवा के अनुसार, वह पहले दिन से कह रहे थे कि केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक बनाने के बजाय अस्पतालों में नकली दवाइयां बांटी हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर दिल्ली को शर्मसार किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के 27 अस्पतालों में से 14 अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा नहीं है, जबकि केजरीवाल ने हेल्थ क्रांति का दावा किया था। सचदेवा ने सीएजी रिपोर्ट में खुलासा किए गए अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। लोकनायक अस्पताल, चाचा नेहरू अस्पताल और राजीव गांधी अस्पताल जैसी जगहों पर मरीजों को इलाज की बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट के बाद आगामी पांच साल भी केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए पिछले 10 सालों के भ्रष्टाचार का हिसाब देने के लिए कम पड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर का बहाना बना कर अपने भ्रष्टाचार से ध्यान भटका रही हैं, लेकिन यह प्रयास कभी सफल नहीं होगा। सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल सरकार को अब सीएजी रिपोर्ट के सामने अपने झूठ को छुपाने का कोई रास्ता नहीं बचा।
भ्रष्टाचार का पर्दाफाश : देवेंद्र यादव
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आप के स्वास्थ्य मॉडल की सच्चाई को सीएजी रिपोर्ट के हवाले से उजागर किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच की सीएजी रिपोर्ट में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की खामियों और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। इस बारे में कांग्रेस बार-बार सवाल उठा रही थी। अब सच्चाई उजागर हो गई है।
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि कोविड महामारी के दौरान केजरीवाल सरकार ने 787 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, लेकिन सिर्फ 582.84 करोड़ रुपये खर्च किए। स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन और चिकित्सा आपूर्ति के लिए आवंटित रकम का भी उपयोग नहीं किया गया। केजरीवाल सरकार ने अस्पतालों में 32,000 नए बेड का लक्ष्य रखा था, लेकिन केवल 4.24 प्रतिशत यानी 1,357 नए बेड ही जोड़े गए। इससे मरीजों को इलाज के लिए अत्यधिक इंतजार करना पड़ा।
सीएजी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। 27 अस्पतालों में से 14 में आईसीयू नहीं था, 16 अस्पतालों में ब्लड बैंक नहीं था और 12 अस्पतालों में एंबुलेंस सेवाएं भी अनुपलब्ध थीं। कांग्रेस नेता ने मोहल्ला क्लीनिक की स्थिति पर भी सवाल उठाए, जिसमें शौचालय, पावर बैकअप और दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की कमी थी। केजरीवाल सरकार का शासन दिल्लीवासियों के लिए शर्मनाक रहा। कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार और नाकामी का पर्दाफाश किया है।