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कोरोना से बचाव के लिए जिम्मेदारी भूले लोग, खत्म हो रहा है डर और छूट रही हैं आदतें

Thu, 03 Sep 2020 04:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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मास्क पहनने से परहेज क्यों... - फोटो : अमर उजाला
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देश की राजधानी में जहां एक बार फिर कोरोना के बढ़ते केस सामने आ रहे हैं। सड़क, बाजार और कॉलोनियों की हालत देख विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। इनका मानना है कि कोरोना से बचने के लिए लोग खुद की जिम्मेदारियों को भूल चुके हैं। कोई मास्क लगाने में एतराज करता है तो कोई सोशल डिस्टैसिंग को समझने की कोशिश तक नहीं करता। हालात ऐसे हैं कि हर कोई सरकार से उम्मीदें कर रहा है, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान नहीं दे रहा है। 

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डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. राजीव सूद का कहना है कि दिल्ली में मरीज बढ़ रहे हैं तो जांच भी दोगुना रफ्तार से बढ़ रही है लेकिन सरकार के यह प्रयास तब तक सफल नहीं होंगे जब तक आम व्यक्ति इसमें अपना सहयोग नहीं देगा। लोगों का धीरे धीरे कोरोना के प्रति डर खत्म हो रहा है। 

बाजार या घर के बाहर लोग पहले की तरह भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में घुसते ही जा रहे हैं। किसी के चेहरे पर मास्क है तो किसी की नाक के नीचे। कई लोग ऐसे हैं जो हाथ में मास्क लेकर पूरे बाजार में घूम आते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करते हुए इनकी पहचान हर महीने उजागर भी होनी चाहिए। ताकि लोग अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकें। 
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वहीं, सफदरजंग अस्पताल के डॉ. हिंमाशु वर्मा का कहना है कि इन दिनों सोशल डिस्टैसिंग दिल्ली के कुछ ही स्थानों पर देखने को मिल रही है। दवाओं से लेकर सरकार विभागों के दफ्तरों तक में इनकी धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे में केस बढ़ने लाजिमी है। उन्होंने कहा कि मास्क ना पहनने वालों का चालान किया जाए और उसका बकायदा एक आंकड़ा जारी किया जाए। सरकार हर महीने ऐसे लोगों का आंकड़ा जारी कर मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाए ताकि लोग मास्क पहनकर ही बाहर निकलने के बारे में सोचें। 

लक्षण मिलने पर भी लोग ले रहे बुखार की दवा
राजधानी में अब लोग कोरोना वायरस की जांच नहीं करवा रहे हैं। जिन लोगों को लक्षण आ भी रहे हैं, वह बिना टेस्ट करवाए नजदीक के डॉक्टर से बुखार की दवाएं लेकर खा रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में केस बढ़ने के पीछे कई सारी वजह हैं। झुग्गी-बस्ती वाले इलाके में छोटे-छोटे घरों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और इन पूरे इलाके में ही आबादी बेहद ज्यादा होती है। ऐसे में यहां यदि एक को होगा तो दूसरे को होना कोई बड़ी बात नहीं है। दिल्ली से बाहर गए लोग वापस अपने काम पर लौट रहे हैं। 

नियंत्रण के लिए कारगर रणनीति जरूरी:
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संक्रमण के बढ़ते मामलों से ज्यादा इस पर नियंत्रण को लेकर रणनीति की जरूरत है। संक्रमण पर नियंत्रण होने में कामयाबी मिलती है तो मामले खुद ब खुद कम हो जाएंगे। पिछले दो महीने में यह साबित भी हुआ है। हालांकि उन्होंने यह माना है कि दिल्ली में लोग अपनी जिम्मेदारियों को भूलते जा रहे हैं। बाजारों में सोशल डिस्टैसिंग का पालन नहीं हो रहा है। साथ ही बार बार हाथ धोने की आदत भी लोग भूलते जा रहे हैं। 

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