सुविधा न मिलने पर लोगों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
फ्रांस और स्पेन से आए लोगों ने दिल्ली सरकार की क्वारंटीन सुविधा की पोल खोल दी। रविवार रात डेढ़ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर आने के बाद चार घंटे तक इन लोगों को डीटीसी की बसों में बैठाकर रखा गया। इसके बाद इन्हें द्वारका स्थित दिल्ली पुलिस के ट्रेनिंग स्कूल में लाया गया। 12 घंटे बाद इन्हें खाने में केवल एक चाय और पकौड़ा दिया गया। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने द्वारका एसडीएम को पत्र लिख तत्काल कोरेन्टाइन सुविधा बदलने की मांग की।
फरीदाबाद निवासी मृणाल सभ्रवाल बताते हैं कि वे कुछ दिन पहले पेरिस गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी भी थी। रविवार रात दिल्ली एयरपोर्ट पर आने के बाद से सोमवार दोपहर एक बजे तक किसी भी व्यक्ति का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ। उन्हें खाने पीने के लिए मिन्नतें करनी पड़ रही थीं। जिस जगह पर उन लोगों को रखा गया, वहां के बाथरूम स्वच्छता के नाम पर मजाक हैं। दीवारों में दरारें हैं, कोकरोच बेड पर घूम रहे हैं। दीवारों पर अखबार चिपके हैं, ऐसा लग रहा था मानों उन्हें किसी बदबूदार जेल में कैद कर दिया हो।
उन्होंने बताया कि उनके साथ 40 लोग मौजूद हैं। इतने लोगों के लिए सिर्फ तीन वॉशरूम बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी के लिए केवल पांच बड़े बेड रूम का बंदोबस्त किया। ऐसी स्थिति में वे चाहते हैं कि हम यहां रुकें। सोशल मीडिया पर भी वीडियो बनाकर पोस्ट की हैं।
वहीं नव्या दुआ ने बताया कि 16 मार्च की सुबह 1 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर वे आईं। स्पेन से आने के कारण उन्हें 14 दिन का कोरेन्टाइन किया है। वे भी इस वक्त द्वारका पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में हैं। जहां सुविधाओं के नाम पर उनके साथ सरकार ने मजाक किया है। काफी बदबू और सीलन से भरे कमरे उन्हें बीमार बना सकते हैं। नव्या ने बताया कि सभी लोगों ने मिलकर द्वारका एसडीएम को पत्र लिखा है।
शुल्क देकर रुक सकते हैं लोग
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की शिकायत मिली हैं लेकिन जो लोग यहां आ रहे हैं, वे हाई क्लास फैमिली से हैं। संभव है उनकी अपेक्षा के हिसाब से सुविधा नहीं मिल रही हो। इसके लिए सरकार ने तीन अस्पतालों में सुविधा विकसित की है, वहां लोग शुल्क देकर रुक सकते हैं।