गर्मी की तपिश की वजह से लोगों के घरों और कार्यालयों में गर्मी से राहत देने वाले कूलर, एसी, पंखे इनदिनों ज्यादा चल रहे हैं। इस वजह से बिजली की मांग दिल्ली में बढ़ी हुई है। बिजली कंपनियों ने अनुमान लगाया था कि 8000 मेगावाट इस गर्मी में मांग होगी, इस आंकड़े को भी मांग पार गई है। 2024 के पहले दिल्ली में अधिकतम मांग 7,695 मेगावाट तक दर्ज किया गया था। जबकि इस साल लगातार 30वां दिन पीक बिजली की मांग 7000 मेगावाट को पार करती रही। मई 2023 में ही यह मांग 7000 मेगावाट को पार कर गई थी। 2022 में केवल एक बार मई महीने में ऐसी स्थिति आई थी।
बिजली आपूर्ति कंपनियों का कहना है कि बिजली वितरण नेटवर्क बिजली की इस उच्च मांग को बनाए रखने में सक्षम रहा है। एयर कंडीशनिंग किसी घर या कंपनी के सालाना ऊर्जा खर्च का 30-50 फीसदी तक बढ़ जाता है। दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली के बीआरपीएल क्षेत्र में बिजली की अधिकतम मांग 3680 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। दूसरी ओर पूर्वी और मध्य दिल्ली के बीवाईपीएल क्षेत्र में बिजली की अधिकतम मांग 1860 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है। टाटा पॉवर वाले क्षेत्र में अधिकतम मांग 2446 मेगावाट बिजली की मांग रही।
साल दर साल बिजली की मांग का आंकड़ा
18 जून 2024-बिजली की मांग 8647 मेगावाट
22 अगस्त 2023 बिजली की अधिकतम मांग 7438 मेगावाट
29 जून 2022 बिजली की अधिकतम मांग 7695 मेगावाट
29 जून 2021 बिजली की अधिकतम मांग 6753 मेगावाट
29 जून 2020 बिजली की अधिकतम मांग 6314 मेगावाट
2 जुलाई 2019 बिजली की अधिकतम मांग 7409 मेगावाट
10 जुलाई 2018 बिजली की अधिकतम मांग 7016 मेगावाट