सोनिया ने पूरी जानकारी एकत्र तो कर ली लेकिन बिना देवेंद्र के वह वारदात को अंजाम देने में अपने आप को कमजोर महसूस कर रही थी। इसलिए देवेंद्र को अपने जाल में शामिल करते हुए कहा कि कब तक यह नौकरी करते रहोगे ?
क्यों ना ऐसी योजना बनाई जाए कि वह भी पेटीएम की तरह ही कोई कंपनी चालू कर दें। जिससे वह भी पेटीएम के मालिकों की तरह बन सकें। सोनिया और उसके पति रूपक जैन ने उसको समझाया तो वह भी लालच में आ गया। देवेंद्र ने ही अपने एक पुराने मित्र को इस वारदात में शामिल किया।
उसे केवल इतना कहा गया कि वो रंगदारी मांगे और रुपये को अपने अकाउंट में डलवाए। अकाउंट भी किसी फर्जी आईडी से खुलवाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसके एवज में रोहित चोमल को रंगदारी मांगने और खाते में डलवाने के एवज में 20 फीसदी तक कमीशन देने का वादा किया गया था।
इसलिए वह भी इनके साथ हो गया। पुलिस सूत्रों की माने तो सोनिया और रूपक ने रोहित चोमल को सुझाव दिया था कि वह किसी दूसरे शहर या देश के नंबर से व्हाटसऐप के माध्यम से रंगदारी के लिए कॉल करें।
उधर, रंगदारी की कॉल के बारे में शेखर बंधुओं द्वारा जब चर्चा की जाती थी तो सोनिया बडे़ गंभीर होकर इस पर उनके साथ बातें करती और एक से एक तरह के सुझाव देती। कई बार सोनिया ने कहा था कि वह बदमाशों को रुपये भेज दें अगर उन्होंने रुपये नहीं भेजे तो उनके ग्राहकों का विश्वास भी टूट जाएगा।
जिससे बिजनेस में कॉफी नुकसान हो सकता है। कई बार सोनिया की इस तरह की बातों को देखकर कंपनी मालिकों को उस पर अधिक विश्वास हो जाता था। मगर सोनिया इधर से हुई बातों को देवेंद्र, रूपक और रोहित से चर्चा करके फिर से कॉल कराती और दबाव में लेती थी। सूत्रों की माने तो सोनिया ने पहली बार 67 रुपये डलवाए थे और फिर 2 लाख रुपये भी उसी की मौजूदगी में डाले गए थे।