सबसे पुरानी पर्वत शृंखला अरावली की वादियों में स्थित सूरजकुंड एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बनेगा। नए साल की शुरुआत में यहां पर इस बार भारतीय जनता पार्टी के 47 विधायकों की राजनीतिक पाठशाला लगेगी।
भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में इस जमीन पर हुए अधिवेशन बहुत कारगर साबित हुए हैं। पार्टी ने सूरजकुंड का रुख वर्ष 2012 में किया।
यहां पर 28-29 सितंबर को राष्ट्रीय अधिवेशन करके कांग्रेस के सफाए का शंखनाद किया गया। फिर केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी।
स्थानीय चुनाव पर नजर
इसी को शुभ संकेत मानते हुए जून 2014 में सांसदों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें विधानसभा की लड़ाई का भी हिडन एजेंडा रखा और यहां पर पार्टी ने पहली बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई।
अब विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के बहाने स्थानीय निकाय चुनाव पर भी फोकस किया जाएगा, ताकि इसमें भी भगवा रंग चढ़े।
यहां पर विधायकों को मुख्य तौर पर उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बताया जाएगा। विधानसभा में नियमों, विशेषतौर पर शून्यकाल, प्रश्नकाल और सोशल मीडिया आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अमित शाह करेंगे शुरुआत
साथ ही संगठन के बारे में इससे जुड़े लोग जानकारी देंगे। यह कार्यक्रम दो से चार जनवरी तक तय है। इसकी शुरुआत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। जबकि समापन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज करेंगी।
अब से करीब 11 सौ साल पहले तोमर वंश के राजा सूरजपाल के समय अस्तित्व में आया सूरजकुंड बहुत पहले से राजनैतिक चिंतन का केंद्र रहा है। 1969 में इंदिरा गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ।
1993 में नरसिम्हा राव सरकार के दौरान अधिवेशन हुआ। इसके थोड़े ही दिनों बाद यहां कांग्रेस का कैडर बिल्डिंग कैंप आयोजित हुआ। नवंबर 2012 में कांग्रेस ने यहां पर संवाद बैठक की, जिसमें सोनिया गांधी मौजूद रही थीं।
इंतजाम की जिम्मेदारियां तय
प्रशिक्षण शिविर को लेकर मंगलवार को एक बैठक का आयोजन होटल राजहंस में किया गया। इसमें दीपक मंगला, संदीप जोशी, अजय गौड़, रेनू भाटिया, डॉ. आरएन सिंह, ओम प्रकाश रक्षवाल, उमेश भाटी, गजेंद्र लाला, नीरा तोमर और अजय बैसला आदि मौजूद रहे।
भोजन की व्यवस्था का जिम्मा विधायक मूलचंद शर्मा, आवास की व्यवस्था सीमा त्रिखा व मंच व्यवस्था विपुल गोयल के जिम्मे की गई है। शिविर दो जनवरी को शाम चार बजे शुरू होगा। चार जनवरी को शाम पांच बजे समापन होगा।
इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पार्टी के संगठन मंत्री रामलाल, अनिल जैन और सुरेश भट्ट जानकारी देंगे।