पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विचाराधीन मानहानि मामले में समय पर हलफनामा दाखिल न किए जाने पर कोर्ट ने शिकायतकर्ता केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। अदालत ने शनिवार को तय सुनवाई से तीन दिन पहले हलफनामा दाखिल करने का निर्देश पिछली तारीख पर दिया था।
पटियाला हाउस स्थित महानगर दंडाधिकारी गौमती मनोचा ने अदालती निर्देश का पालन न करने पर शनिवार को नितिन गडकरी पर 10 हजार का जुर्माना ठोक दिया। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता का हलफनामा सुनवाई से तीन दिन पहले आरोपी केजरीवाल के वकीलों को दिया जाना था लेकिन यह हलफनामा शनिवार को उन्हें दिया गया। इन परिस्थितियों के मद्देनजर जुर्माना लगाते हुए शिकायतकर्ता को साक्ष्य पेश करने के लिए अंतिम अवसर दिया जाता है। इस मामले में शनिवार को नितिन गडकरी से बचाव पक्ष को जिरह करनी थी। मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च 2015 को होगी।
गडकरी की अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कहा कि वह आरोपी के अधिवक्ता प्रशांत भूषण को देने के लिए हलफनामे की कॉपी 18 दिसंबर को ही जमा करा चुकी हैं। केजरीवाल के अधिवक्ता ऋषिकेश ने बताया कि उन्हें हलफनामे की कॉपी शनिवार को ही मिली है।
अदालत ने कहा कि कोर्ट की जानकारी के बिना हलफनामा कैसे दाखिल कर दिया गया। अगर आप हलफनामा पेश करना चाहते थे तो यह कोर्ट के रिकॉर्ड पर आना चाहिए था। आप कोर्ट को हल्के में नहीं ले सकते। अदालती निर्देश का पालन नहीं किया गया है। कोर्ट में हंगामा न करें। अदालत के निर्देश को आप ऊपर की अदालत में चुनौती दे सकते हैं।