नोएडा के जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को गुस्साए तीमारदारों ने मंगलवार बंधक बना लिया। उन्होंने ईएमओ पर मेडिकोलीगल मामले में मरीज के जरूरी एक्सरे नहीं कराने पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाया। सीएमएस के हस्तक्षेप के बाद तीमारदार शांत हुए।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को मारपीट के एक मामले में कुछ लोग जिला अस्पताल पहुंचे थे। इन्हीं में दनकौर निवासी बह्म सिंह भी था। ड्यूटी पर मौजूद ईएमओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने सीएमएस की अनुमति से गंभीर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया और एक्सीडेंटल रजिस्टर में एंट्री कर उन्हें भर्ती कर लिया।
मामला शनिवार रात का होने के कारण मेडिकोलीगल प्रक्रिया के तहत एक्सरे नहीं हो सके। वहीं रविवार को छुट्टी होने के कारण एक्सरे नहीं हो सका। अगले दिन हड्डी विशेषज्ञ ने मरीजों को देखा। डॉक्टर ने तीमारदारों से कहा कि ब्रह्म सिंह के बाएं हाथ की कोहनी के नीचे का एक्सरे भी होना चाहिए था लेकिन ईएमओ ने इसके लिए एक्सरे फॉर्म में नहीं लिखा है, जो गलत है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे गुस्साए तीमारदारों ने डॉ. अभिषेक को बंधक बना लिया। मामला सीएमएस के संज्ञान में आने पर तुरंत गार्ड बुलाए गए और जैसे तैसे तीमारदारों को शांत किया गया।
इस मामले में डॉ. अभिषेक का कहना है कि मरीज की मेडिकल रिपोर्ट में कोहनी के ऊपर और कोहनी के नीचे की चोटों की पूरी जानकारी लिखी गई थी लेकिन एक्सरे फॉर्म में बाएं हाथ में कोहनी के नीचे के हिस्से का एक्सरे लिखना गलती से छूट गया था।
हड्डी रोग विशेषज्ञ अपने विवेक से इस त्रुटि को दूर कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस मामले में सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र ने कहा कि भूलवश ईएमओ से त्रुटि हो गई थी। बाद में कोहनी के नीचे के हिस्से का एक्सरे भी कर दिया गया था। एक्सरे में फ्रेक्चर आया था।