पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष एनआईए न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने सज्जाद अहमद खान, बिलाल अहमद मीर, मुजफ्फर अहमद भट, इशफाक अहमद भट और मेहराजुद्दीन को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का दोषी पाया है। वे आतंकियों को हथियार, गोला बारूद और रसद भी उपलब्ध करा रहे थे।
पटियाला हाउस कोर्ट ने जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पांचों को देशभर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को भर्ती करने और उन्हें प्रशिक्षित करने का दोषी पाया गया है।
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पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष एनआईए न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने सज्जाद अहमद खान, बिलाल अहमद मीर, मुजफ्फर अहमद भट, इशफाक अहमद भट और मेहराजुद्दीन को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का दोषी पाया है। वे आतंकियों को हथियार, गोला बारूद और रसद भी उपलब्ध करा रहे थे। अदालत ने एक अन्य दोषी तनवीर अहमद गनी को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है।
अदालत ने कहा, पांचों दोषी जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों को आतंकी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित और जरूरी संशाधनों एवं धन की व्यवस्था करने में भी लिप्त थे। सभी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं में अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है।
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पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने प्रशिक्षित किया था
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच के बाद बताया था कि दोषियों को सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आकाओं की ओर से लक्ष्यों की टोह लेने, ठिकाने की व्यवस्था करने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।