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Delhi NCR News: यात्रीगण कृपया ध्यान दें, मथुरा रोड और आउटर रिंग रोड सबसे खतरनाक मार्ग

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-153 दुर्घटना-प्रवण (एक्सीडेंट-प्रोन) जगहों की पहचान की गई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली वालों, सावधान! राजधानी की कुछ सबसे व्यस्त सड़कें मथुरा रोड, आउटर रिंग रोड और ग्रांड ट्रंक रोड खतरनाक हो गई हैं। यानी इन सड़कों पर सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि एक आकलन में पूरे शहर में 153 ऐसी जगहों की पहचान की गई है, जहां दुर्घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा है। आउटर रिंग रोड, रिंग रोड और ग्रांड ट्रंक रोड उन 10 सड़कों में शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं। इस सूची में शामिल अन्य सड़कों में अर्बन एक्सटेंशन रोड-II, रोहतक रोड, वज़ीराबाद रोड, नजफगढ़ रोड, एनएच-24, मथुरा रोड और एनएच-8 हैं।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, ग्रांड ट्रंक रोड पर स्थित स्वरूप नगर में 2025 में 13 जानलेवा दुर्घटनाएं हुईं, जो कि पहचानी गई सभी ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना-प्रवण जगहों) में सबसे ज्यादा हैं। ग्रांड ट्रंक रोड पर अन्य दुर्घटना-प्रवण जगहों में मुकरबा चौक, लिबासपुर बस स्टैंड और सिंघु बॉर्डर शामिल हैं, जहां हर जगह 7-7 जानलेवा दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। आउटर रिंग रोड पर भलस्वा चौक और हैदरपुर मेट्रो स्टेशन पर 7-7 जानलेवा दुर्घटनाएं हुईं। रिंग रोड पर आईएसबीटी कश्मीरी गेट में 8 और आजादपुर चौक में 6 जानलेवा दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। मथुरा रोड पर मोदी मिल फ्लाईओवर और तुगलकाबाद रोड मेट्रो स्टेशन पर 4-4 जानलेवा दुर्घटनाएं हुईं। यह आकलन राजधानी भर में दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की स्थिति को जगह के हिसाब से स्पष्ट करता है, जिसमें प्रमुख सड़क जंक्शन, फ्लाईओवर, बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशनों के आसपास के हिस्से और अन्य व्यस्त रास्ते शामिल हैं। यह सूची संबंधित सरकारी विभागों और सड़क प्रबंधन एजेंसियों के साथ साझा की गई हैं, ताकि वे जरूरी सुधार और सुधारात्मक कदम उठा सकें। इस सूची में कई अन्य जगहें भी आईटीओ/आईपी फ्लाईओवर, आनंद विहार आईएसबीटी, प्रेम बारी पुल, एसजीटी नगर, हनुमान मंदिर, बारापुल्ला फ्लाईओवर, पीतमपुरा में वीआईपी कॉलेज, एम्स , पंजाबी बाग चौक, जहांगीरपुरी ईई ब्लॉक और निजामुद्दीन-यमुना पुल के पास का हिस्सा शामिल है।
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पैदल चलने वालों की सबसे ज्यादा मौतें हुईं : इन जगहों में प्रमुख ट्रैफिक चौराहे और ट्रांसपोर्ट हब शामिल हैं, जहां वाहनों की भारी आवाजाही होती है। इससे पूरे शहर में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की चुनौती सामने आती है। ट्रैफिक पुलिस के आकलन में उन सड़कों की भी पहचान हुई है, जहां 1 जनवरी से 30 सितंबर, 2026 के बीच पैदल चलने वालों की सबसे अधिक मौतें हुईं। इस दौरान पूरे शहर में पैदल चलने वालों की कुल 492 मौतें दर्ज की गईं। इनमें रिंग रोड, ग्रैंड ट्रंक रोड, आउटर रिंग रोड, नजफगढ़ रोड, रोहतक रोड, वजीराबाद रोड, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II, महरौली-बदरपुर रोड, एनएच-24, बुलेवार्ड रोड और मथुरा रोड शामिल हैं।
दो सूची बनाई गईं :
रिंग रोड, ग्रैंड ट्रंक रोड और आउटर रिंग रोड ये मार्ग दोनों ही सूचियों में प्रमुखता से शामिल हैं। एक वह सूची जहां सबसे अधिक जानलेवा दुर्घटनाएं हुईं, और दूसरी वह जहां पैदल चलने वालों की सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस हर साल सड़क दुर्घटनाओं के डेटा के आधार पर दुर्घटना-संभावित जगहों की पहचान करती है। इस प्रक्रिया से उन सड़कों और चौराहों का पता लगाने में मदद मिलती है, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हुई हैं और जिन पर संबंधित एजेंसियों का ध्यान जाना जरूरी है।
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इस सर्किल में सबसे ज्यादा दुर्घनाएं हुईं : इस आकलन में 30 सितंबर 2026 तक, ट्रैफिक पुलिस सर्किलों के हिसाब से सड़क दुर्घटनाओं का अलग-अलग विवरण भी दिया गया है। द्वारका सर्कल में सबसे ज्यादा 257 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके बाद नरेला में 254, नजफगढ़ में 184, समयपुर बादली में 183, अमन विहार में 166, भजनपुरा में 158, और अशोक विहार तथा नांगलोई में 145-145 दुर्घटनाएं हुईं। इस दौरान जिन अन्य ट्रैफिक सर्किलों में 100 से ज़्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, उनमें तिलक नगर, मॉडल टाउन, पश्चिम विहार, शाहदरा, खजूरी खास, मधु विहार, सरिता विहार, तिमारपुर, रोहिणी, दिल्ली कैंट, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, कोतवाली और बदरपुर शामिल हैं।
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